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दिव्यांग अपनी मांगो को लेकर बैठे है धरने पर - चंडीगढ़

 Special Coverage News |  2016-07-15 08:21:44.0  |  हरियाणा

दिव्यांग अपनी मांगो को लेकर बैठे है धरने पर - चंडीगढ़

लेखक रवीन्दर रावत
हरियाणा चंडीगढ़- हरियाणा प्रदेश के दिव्यांगजन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर के काफी दिनों से चंडीगढ़ में धरने पे बैठे हुऐ है। प्रदेश के दिव्यांगों ने अपनी मांगों को लेकर के प्रशासन के समक्ष खूब गुहार लगा ली है परंतु उनकी मांगों पे ना प्रशासन ना ही सरकार दोनों में से कोई भी ध्यान नही दे रहा है दिव्यांगों का कहना है कि हमने हड़ताल से पहले काफी बार प्रशासन के चक्कर काटे है परंतु हमको आस्वाशन के अलावा कुछ नही मिला है वैसे देखा जाये तो दिव्यांगों की धरने की ये कोई नई घटना नही है इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिसों में दिव्यांग अपनी मांगों को लेकर के हड़ताल कर चुके है यहां तक की भूख हड़ताल भी कर चुके है लगातार महीनो तक दिव्यांगों ने हड़ताल की है। चाहे फिर बात आगरा की हो या मनसा या फिर मुजफरनगर या गोरखपुर अपनी मांगों को लेकर के दिव्यांग लगातार धरने पर बैठे हुऐ है।

नौकरियों में आरक्षण की मांग:

अभी ही हाल ही में देश की सुप्रीम कोर्ट ने भी देश में दिव्यांगों के सरकारी नौकरियों में प्रथम और दृतीय श्रेणियों में ना होने पर दुख जताया था और सरकार को 3% उनके आरक्षण के अनुरूप उनको सभी श्रेणियों में नौकरी देने का आदेश सरकार को सुनाया है। अशक्तजन अधिनियम 1995 के तहत उनको सरकारी योजनाओं में लाभ देने और नौकरी देने का फैसला सुनाया है।

दिव्यांग अपनी मांगों को लेकर के लंबे समय से धरने पर है और उनकी मांगों को विपक्षी पार्टियों का भी खूब समर्थन मिल रहा है। दिव्यांग कई बार अधिकारियों को और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर व राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंप चुके है परंतु उनकी मांगों को हरियाणा सरकार द्वरा गंभीरता से नही लिया जा रहा है उनका कहना है इसलिए हम संघर्ष कर रहे है अभी तक सिर्फ आस्वाशन के अलावा कुछ नही मिला है वैसे देखा जाये तो दिव्यांगों की मांगे कोई बहुत बड़ी नही है जिनको हरियाण प्रदेश की सरकार द्वरा माना नही जा सकता है वो बहुत छोटी छोटी अपनी मांगों को लेकर के धरना कर रहे है।

दिव्यांगों की विभिन्न मांगों की सूचि-

दिव्यांगों का कहना है कि उनको 40 प्रतिशत से लेकर के 80 प्रतिशत तक हरियाणा रोडवेज बसों मुफ्त यात्रा करने की सुविधा प्रदान की जाये। व 80 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक दिव्यांग को एक सहायक के साथ बस में मुफ्त यात्रा करने की सुविधा दी जाये। 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगजनो को पेंशन दी जाये और उनकी सुविधा के अनुरूप शहरों में रैन बसेरों का निर्माण किया जाये। प्रत्येक जिले में विशेष सुविधा वाले विद्यालयों की स्थापना की जाये। दिव्यांगों के लिए राज्य स्तर पे एक विश्विद्यालय की स्थापना की जाये और दिव्यांगों की दिव्यांगों के साथ विवाह होने पर विवाह शगुन योजना शुरू की जाये व दिव्यांगों को स्वरोजगार के लिए मुफ्त ऋण दिया जाये दिव्यांगों के बैंकलोन को पूरा करना व सभी सरकारी योजनाओं में उनको प्राथमिकता दी जाये। प्रदेश में दिव्यांग आयोग का गठन किया जाये इसके अलावा प्रदेश के सभी विश्वविधालय व सरकारी भवनों में रैंप बनवाने उन विश्वविद्यालों में उनकी सुविधा के अनुरूप फैसिलिटी उपलब्ध करवाई जाएं और इसके साथ ही अशक्तजन अधिनियम 1995 की तुरंत समीक्षा की जाये।

इसलिए दिव्यांग अपनी विभिन्न मांगों को लेकर के संघर्ष की राह पर है दिव्यांगों ने कहा कि हरियाणा सरकार तुरंत हमारी मांगों को माने नही तो हम पुरे प्रदेश में सरकार के विरुद्ध राज्यस्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। दिव्यांगों का कहना है कि हमको पूरे देश के दिव्यांगों के संघठनो का साथ मिला हुआ है।

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