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केंद्र से मक्की उत्पादकों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों के लिये मुआवजे की मांग

 Arun Mishra |  20 April 2017 4:14 PM GMT  |  New Delhi

केंद्र से मक्की उत्पादकों तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों के लिये मुआवजे की मांग

नई दिल्ली़ : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नकदी की कमी का सामना कर रहे राज्य के आर्थिक हितों के मद्देनज़र पाकिस्तान या नेपाल को राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त बिज़ली बेचने की आज्ञा देने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सहयोग की मांग की है।

मुख्यमंत्री ने आज यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बैठक के दौरान राज्य में कृषि को लाभप्रद बनाने के लिये भी केंद्र से सहायता की मांग की ताकि कम कीमत भुगतान के विधि विधान को दुरूस्त करके धान की खेती की जगह अन्य फसलों की काश्त के लिये किसानों को उत्साहित किया जा सके। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने यह प्रगटावा मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री के साथ उनके निवास स्थान पर चली एक घंटा लंबी बैठक के बाद किया।

पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों को पेश समस्यााओं पर चिंता व्यक्त करते हुये कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इन किसानों के लिये केंद्र सरकार के मुआवजे में बढ़ौतरी करने की अपील की ताकि यकीनन सीमा प्रबंधन को प्रभावशाली और सुदृढ बनाया जा सके।

ठुकराल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने पड़ौसी राज्यों को रियायतों का पैकेज पुन: जीवित करने की संभावनाओं को रोकने के लिये श्री मोदी के हस्ताक्षेप की मांग की क्योंकि यह राज्य में निवेश लाने, बेरोजगार नवयुवकों के लिये नौकरी पैदा करने और राज्य की आर्थिकता को पुन: पटरी पर लाने के लिये पंजाब सरकार के प्रयासों को क्षति पहुंचायेगा।

पंजाब की घरेलू मांग से निपटने के बाद राज्य में एक हजार मैगावाट अतिरिक्त बिजली होने का जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान या नेपाल को बिज़ली बेचने के लिये भी मदद देने की मांग की क्योंकि इससे राज्य के लोग किसी अतिरिक्त टैक्स के बोझ से बच सकेंगे और इससे बिज़ली उपभोक्ता बिजली उत्पादन ईकाईयों की तय की लागत के बोझ से भी बचेंगे।

उन्होंने कहा कि पंजाब की सीमा पाकिस्तान के साथ लगती है और गोइंदवाल साहिब थर्मल पॉवर प्लांट अंतरराष्ट्रीय सीमा के समीप है जिस कारण पाकिस्तान को लगातार बिजली सप्लाई करना राज्य के लिये कठिन नही होगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि भारत सरकार सहमति देती है तो वह नेपाल को भी बिजली आपूर्ति करके खुश होंगे जोकि अपनी बिजली की कमी से निपटने के लिये भारत से इसकी खरीद करना चाहता है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि चाहे पंजाब राज्य बिजली कार्पोरेशन लि. ने हाल ही में बिजली की आपूर्ति की टैंडरों द्वारा पेशकश की है परंतु इसको इसमें सफलता नही मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपील की कि वह केंद्रीय बिजली मंत्रालय को सलाह दें कि वह पाकिस्तान या नेपाल को बिजली बेचने संबंधी राजय सरकार के प्रस्ताव के हित में विचार करें ।

कृषि में स्थिरता के कारण किसानों की आय में हो रही कमी के परिणाम स्वरूप राज्य के किसानों को पेश समस्याओं जिक्र करते हुये मुख्यमंत्री किसानों को धान के चक्र में से निकालने और कृषि विविधता अपनाने की जरूरत पर बल दिया चाहे कि बहुत अधिक झाड़ देने वाली मक्की का हाईब्रीड बीज़ राज्य में बीजा जा रहा है और मक्की की काश्त अधीन रकबा बढ़ा है परंतु इसके न्यूनतम समर्थन मूल्य को यकीनी बनाये जाने की कमी के कारण किसानों के लिये यह उचित नही हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने न्यून्तम समर्थन मूल्य से कम मूल्य पर मक्की को बेचने के लिये मज़बूर होने वाले किसानों के लिये केंद्र से वित्तीय सहायता की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस मकसद के लिये केंद्र द्वारा नामजद किसी भी एजेंसी के साथ कार्य करने में उत्सुक हैं जो फसलों की काश्त में विविधता लाने के लिये सुविधा प्रदान कर सकती हो।

मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान के साथ लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा से पार भूमि के मालिक किसानों के लिये मुआवजे का मसला भी उठाया क्योंकि सुरक्षा कारणों से किसानों को अपनी फसल पालने के लिये विशेष बंदिशों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मुश्किलों के कारण फसल की झाड़ पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिस किसानों को 10 हजार प्रति एकड़ वार्षिक से अधिक मुआवज़ा दिये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने मुआवजे की राशि में राज्य सरकार द्वारा डाले जाते 50 प्रतिशत हिस्से की बजाये केंद्र सरकार द्वारा ही समूची मुआवजा राशि सहन किये जाने की मांग की। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि इस संबंध में तुरंत कदम उठाने के लिये गृह मंत्रालय को परामर्श दिया जाये।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पड़ौसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कशमीर के लिये रियायतें देने के पैकेज़ को पुन: जीवित करने के लिये चल रहे प्रयासों की रिपोर्टो पर चिंता व्यक्त करते हुये पंजाब के आर्थिक विकास की कीमत पर इन राज्यों को ऐसा कोई पैकेज़ ना देने को यकीनी बनाने के लिये प्रधानमंत्री के दखल की मांग की। मुख्यमंत्री ने मांग की कि यदि कोई विशेष पैकेज़ दिया भी जाता है तो पंजाब को उसी प्रकार बराबर पैकेज़ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ लगती 554 कि.मी अंतरराष्ट्रीय सीमा और अरावली की नीम पहाड़ी क्षेत्र पड़ते होने के कारण भी राज्य के औद्योगिक विकास में बड़ी अड़चन बना हुआ है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बड़े सार्वजनिक हितों और पंजाब के विकास की जरूरतों को मद्देनज़र रखते हुये राज्य सरकार की मांगों पर गौर करने की अपील की।
रिपोर्ट : एच.एम. त्रिखा, व्यूरोचीफ पंजाब

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