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भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया को नोटिस

 Special Coverage News |  2016-07-05 12:27:02.0  |  New delhi

भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया को नोटिस

नई दिल्ली

एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने भारत की सर्वोच्च न्यायपालिका को ही कटघरे में खड़ा कर दिया हैं। यह देश में पहली बार होगा की सुप्रीम कोर्ट भी सुचना देने में असमर्थ रहा हो।

देश में ऎसे केस की सुनवाई जिसमे वादी होगा आरटीआई एक्टिविस्ट बनाम सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार होंगे आखिर सूचना अधिकार के आगे कानून भी बोना साबित हो गया यह मामला रामपुर निवासी दानिश खान प्रसिद्ध आरटीआई एक्टिविस्ट का है जिनकी सुचना का जवाब राष्ट्रपति से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक देने में असमर्थ है

। जिसकी अपील केंद्रीय सूचना आयोग नई दिल्ली को की गई थी आयोग द्वारा 22/07/2016 को दोहपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये दोनो आमने सामने होंगे इसकी व्यवस्था बाक़ायदा रामपुर एनआईसी द्वारा की जा रही हैं।


जिसका आदेश केंद्रीय सूचना आयोग के मुख्य सुचना आयुक्त माननीय राधा कृष्ण माथुर द्वारा रामपुर जिला प्रशासन को मिल चूका हैं । सुप्रीम कोर्ट को देना होगा जवाब वह भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दानिश खान रामपुर से सीधा सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार से सवाल पूछेंगे यदि वह जवाब देने में असमर्थ रहे तो जुर्माना भी पड़ने की संभावना हैं अब देखना यह की सभी को नोटिस जारी करने वाले सुप्रीम कोर्ट को खुद ही नोटिस जारी हो गया इस पर भारत की सबसे सर्वोच्च न्यायपालिका का रुख किया रहता है ।

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