Top
Begin typing your search...

युवक के क़ातिलों की गिरफ़्तारी को एसपी दफ़्तर पर लहराई खून से लिखी तख़्ती!

परिवार दहशत में?

युवक के क़ातिलों की गिरफ़्तारी को एसपी दफ़्तर पर लहराई खून से लिखी तख़्ती!
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
हरदोई : युवक के क़ातिलों की गिरफ़्तारी को एसपी दफ़्तर पर लहराई खून से लिखी तख़्ती। 23 जनवरी की शाम सदर सांसद अंशुल वर्मा के आवास के पास गोली मार कर हत्या की गई थी। 4 महीने बीते पर सिटी कोतवाली पुलिस नहीं लगा पाई क़ातिलों का सुराग। परिवार दहशत में?


ये मामला पुलिस की निष्क्रिय कार्यशैली की गजब बानगी है। इस हद तक कि जिस युवक का खून हुआ, इंसाफ़ की ख़ातिर उसके परिवार की महिलाओं को अब अपने खून से तख़्ती लिख कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

घटना इसी बरस की जनवरी की 23 तारीख़ को सिटी कोतवाली क्षेत्र में सदर सांसद अंशुल वर्मा के हरिपुरवा आवास से 100 कदम की दूरी पर अंजाम दी गई थी। नानकगंज ग्राम पंचायत के मजरा बरैयापुरवा निवासी रोहित पुत्र नरेश कश्यप शाम 07:30 बजे घर लौट रहा था। उसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मार दी थी। लहूलुहान रोहित को गम्भीर दशा में ज़िला अस्पताल से ट्रामा सेण्टर लखनऊ रेफर कर दिया गया था।

24 जनवरी को दोपहर 02 बजे उसके प्राण पखेरू उड़ गए थे। मेडिकल कॉलेज में हुए पोस्टमार्टम में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। 25 जनवरी को एफआईआर दर्ज हुई। सिटी कोतवाली पुलिस का रवैया सुस्त देख परिजनों ने 03 फ़रवरी को प्रार्थना पत्र दिया तो मामले की जांच क्राइम ब्रांच को दे दी गई। हालांकि, पुलिस की जांच ने रफ़्तार फिर भी नहीं पकड़ी और पीड़ित परिवार को बस आश्वासन ही मिले। परिवार ने आला अफसरों को कई प्रार्थना पत्र दिए, पर नतीजा नहीं मिला।

दहशत में जी रहे परिवार की महिलाओं के सब्र का बांध आज दरक गया। महिलाओं ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग एक तख़्ती पर अपने खून से लिखी और एसपी दफ़्तर पर प्रदर्शन किया। इससे डण्डा फ़टकार महकमे में हड़कम्प मच गया। बगल में स्थित महिला थाना की प्रभारी मौके पर पहुंचीं और महिलाओं को कोतवाली ले गईं थी। इस मामले में आगे क्या होता है, जवाब सिटी पुलिस को देना है।

ओम त्रिवेदी (व्यूरो) हरदोई
शिव कुमार मिश्र
Next Story
Share it