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150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा टकराया 'तितली', भारी बारिश और तूफान, फ्लाइट-ट्रेनें रद्द

ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट पर गुरूवार की सुबह चक्रवाती तूफान तितली 140-150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ जोरदार बारिश की।

 Special Coverage News |  2018-10-11 05:43:05.0  |  दिल्ली

150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा टकराया तितली, भारी बारिश और तूफान, फ्लाइट-ट्रेनें रद्द

नई दिल्ली : ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट पर गुरूवार की सुबह चक्रवाती तूफान तितली 140-150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ जोरदार बारिश की। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल बंगाल की खाड़ी में बने सबसे विकराल चक्रवाती तूफान तितली अगले दो घंटे में ओडिशा तट को पार कर जाएगा। आईएमडी ने कहा, "तूफान की आंख सरीखे दिखने वाले हिस्से का आगे का क्षेत्र भूखंड (लैंडमास) में प्रवेश कर रहा है।"

डायरेक्टर ऑफ मौसम केन्द्र भुवनेश्वर को निदेशक एचआर विश्वास ने बताया कि समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया- "बारिश शुरू हो चुकी है और यह अगले एक से दो घंटे में पूरे ओडिशा को पार कर जाएगी।"

एक तरफ जहां ओडिशा के गोपालपुर में हवा की रफ्तार 126 किलोमीटर प्रति घंटा रही तो वहीं दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम में हवा की गति 56 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। चक्रवात के दस्तक देने के बाद तितली के प्रभावस्वरूप ओडिशा के गंजम, गजपति, पुरी, खुर्दा और जगतसिंहपुर जैसे पांच जिलों में तेज हवा के साथ अच्छी वर्षा हो रही है।

विश्वास ने कहा कि बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान (वीएससीएस), 'तितली' की निगरानी विशाखापत्तनम, गोपालपुर और पारादीप स्थित तटीय डॉप्लर मौसम रडार द्वारा की जा रही है। ताजा अवलोकनों से संकेत मिलता है कि पश्चिम-केंद्रीय बंगाल की खाड़ी के ऊपर से 'तितली' तूफान पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 19 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा।

जमीन पर दस्तक देने के बाद तूफान के धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व में फिर से वक्र करके ओडिशा को पार करके गंगा से लगे पश्चिम बंगाल के हिस्से की तरफ बढ़ने और फिर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। अधिकारियों ने कहा कि तूफान से पेड़ और बिजली के खंभों के उखड़ने और कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है। गोपालपुर और ब्रह्मपुर सहित कुछ स्थानों पर सड़क संपर्क टूट गया है।

इस बीच, ओडिशा सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए अपने तंत्र को तैयार रखा है। राज्य सरकार ने पहले ही पांच तटीय जिलों में चक्रवात के आगमन से पहले निचले क्षेत्रों और कच्चा मकानों में रहने वाले तीन लाख से अधिक लोगों को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है।

तूफान में होने वाले नुकसान से बचने के लिए अलग-अलग जिलों में एनडीआरएफ 18 टीमें तैनात की गई हैं। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बंगाल के कई इलाकों में तितली तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है और 3 लाख लोगों को महफूज़ जगहों पर पहुंचाया गया है।

ओडिशा में स्कूल-कॉलेज बंद, सीएम ने लिया हालात का जायजा

मौसम विभाग के समुद्र में ऊंची लहरें उठने के पूर्वानुमान के मद्देनजर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने हालात का जायजा लिया। उन्होंने गंजम, पुरी, खुर्दा, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के कलेक्टरों से तटीय क्षेत्र में निचले इलाकों में रह रहे लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि चक्रवात के चलते किसी भी व्यक्ति की जान नहीं जाए और लोगों के लिए चक्रवात आश्रय स्थलों को तैयार रखने को भी कहा।

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