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दो में से एक सीट को कैसे गवाना पड़ा राहुल गांधी को

राहुल ने केरल की वायनाड सीट पर भारी बढ़त के साथ जीत दर्ज की

 Sujeet Kumar Gupta |  23 May 2019 1:25 PM GMT  |  नई दिल्ली

दो में से एक सीट को कैसे गवाना पड़ा राहुल गांधी को

वायनाड । जिस तरह मतगणना में उतार चढ़ाव को दौर चल रहा था तो कोई भी उम्मीदवार समझ नही पा रहा था कि जीत का सेहरा किस के सिर बधेगा। वही दो सीट से चुनाव मैदान में राहुल गांधी के लिए दक्षिण के राज्य केरल से अच्छी खबर आई। राहुल ने केरल की वायनाड सीट पर भारी बढ़त के साथ जीत दर्ज की। इसके साथ ही उन्होंने एक रिकार्ड भी कायम अब तक के लोकसभा चुनावों के इतिहास में कभी ऐसा उनके साथ नही हुआ। वो ये कि सबसे ज्यादा मतों से जीत का रिकॉर्ड बना डाला है ।

आपको बतादें कि राहुल गांधी यहां पर मतगणना शुरू होने के बाद से बढ़त बनाने लगे थे। राहुल दोपहर एक बजे के बाद सीपीआई के पी पी सुनीर से 4, 54, 297 वोटों से आगे चल रहे थे। और शाम होते होते राहुल गांधी की जीत का अंतर बढ़ता चला गया। वायनाड में राहुल वायनाड में शाम 4 बजे 8 लाख 38 हजार मतों से आगे चल रहे थे। उन्हें तब तक 13 लाख 37 वोट मिल चुके थे। इस सीट पर तीसरे चरण में 23 अप्रैल को करीब 80 प्रतिशत मतदान हुआ।इस सीट पर राहुल के सामने भाजपा ने भारत धर्म जन सेना के तुषार वेलापल्ली को मैदान मे उतार था। भारत धर्म जन सेना केरल का प्रसिद्ध धार्मिक संगठन श्रीनारायण धर्म परिपालन योगम का एक राजनीतिक संगठन है। पर तुषार यहां तीसरे नंबर पर रहे।

केरल की वायनाड सीट साल 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इसके बाद से ही यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाने लगी है। इस क्षेत्र में हिंदू, मुस्लिम के साथ ही ईसाई समुदाय की भी अच्छी तादाद है। वायनाड में 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता एमआई शानावास ने जीत दर्ज की थी। पिछले दो चुनावों में यहां कांग्रेस के प्रत्याशी ने सीपीआई के प्रत्याशी को मात दी है।

हालांकि अमेठी मे भाजपा से स्मृति ईरानी के सामने भी मतों में उतार चढ़ाव होते रहे लेकिन समय के साथ ईरानी हमेशा से बढ़त बनाने लगी और अंतिम क्षणों तक वो बढ़ बनाई रही। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी परंपरागत अमेठी सीट केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से 38,449 मतों के अंतर से हार गए। स्मृति को 3,11,992 मत मिले, जबकि इस सीट से वर्ष 2004, वर्ष 2009 और वर्ष 2014 में लाखों के अंतर जीतने वाले राहुल को इस बार मात्र 2,73,543 मत मिले।

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