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महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: 'अटल' गठबंधन पर उलझी शिवसेना-भाजपा, एनसीपी और कांग्रेस चुनावी पटखनी देने को तैयार

 Sujeet Kumar Gupta |  16 Sep 2019 12:00 PM GMT  |  नई दिल्ली

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव:

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक पार्टीयां अपना माहौल बनाने और तैयारियां करने में जुट गई है। वही महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए मुख्यत चार बड़ी पार्टीया कमर कस ली है और हर कोई गठबंधन की करार करने वाले है लेकिन किस पार्टी का गठबंधन वाली करार पर वहा सरकार बनेगी ये चुनाव के परिणाम पर निर्भर करता है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना के बीच अभी तक सीट बटवारे का फैसला नहीं हो पाया है

जबकि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के बीच सीटों का बटवारा हो गया है। एनसीपी नेता शरद पवार ने आज यानि 16 सितंबर को नासिक में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी के साथ चुनाव लड़ने के लिए 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ेगी शरद पवार ने कहा कि बाकी बची हुई सीटें उनके गठबंधन में शामिल दूसरी पार्टियों को दी जाएगी। शरद पवार ने कहा कि उनके और कांग्रेस के बीच 15-20 सीटो में उलट फेर हो सकता हैं

शरद पवार ने 10 सितंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे के मुद्दे पर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से चर्चा की थी. मामले से अवगत एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि दोनों नेताओं ने राज्य के सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना गठबंधन को रोकने के लिए कांग्रेस और एनसीपी के बीच गठबंधन के मुद्दे पर बातचीत की जिसमें क्षेत्रीय पार्टियां भी शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने राज्य में वाम पार्टियों को अपने गठबंधन में शामिल करने के मुद्दे पर भी चर्चा की. एक अन्य पार्टी नेता ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी राज्य में अपने बीजेपी विरोधी गठबंधन में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(एमएनएस) को भी शामिल करने पर विचार कर रहे हैं।

महाराष्ट्र में बीजेपी विरोधी गठबंधन में एमएनएस को शामिल करने को लेकर कांग्रेस को कुछ संदेह है. इसलिए मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने से पहले, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदेश नेतृत्व से बातचीत करेंगे। पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद यह सोनिया की पवार से पहली मुलाकात थी. दो माह पहले एमएनएस प्रमुख ठाकरे ने उनसे उनके आवास पर मुलाकात की थी, जिससे यह कयास लगाए जाने लगे थे कि वह भी राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी-शिवसेना विरोधी गठबंधन का हिस्सा हो सकते हैं।

वही महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए सीटों के बंटवारे पर सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना के अपना रुख सख्त करने की खबरों के बीच पीछले दिनों शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में, दोनों दलों का गठबंधन ''अटल'' है और यह गठबंधन एक बार फिर से सत्ता में वापसी करेगा। ठाकरे ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को नेतृत्व और दिशा प्रदान की है जिसमें प्रगति और विकास करने की अपार क्षमता है।

शिवसेना प्रमुख ने कहा था कि, ''गठबंधन 'अटल' है । हम सत्ता चाहते हैं ...इसमें कोई शंका नहीं है, लेकिन हम ऐसा राज्य के विकास के लिए चाहते हैं। भाजपा शिवसेना 'यूति' (गठबंधन) प्रदेश में चुनावों के बाद एक बार फिर सत्ता में वापस लौटेगी। मुझे इस बात की खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य की बढ़ती जनसंख्या के लिए सुविधायें मुहैया करा रहे हैं।''

खबरों के अनुसार शिवसेना चाहती है कि विधानसभा चुनावों में भाजपा के साथ सीटों का बंटवारा आधा-आधा हो। जिसका मतलब है कि दोनों पार्टी बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। विधानसभा की कुल 288 सीटों में से, भाजपा और शिव सेना ने 18 सीटें छोटे सहयोगियों को आवंटित करने पर सहमति जतायी है, लेकिन इस पर औपचारिक रूप से मुहर लगनी बाकी है।

2014 के चुनाव में, बीजेपी ने 288 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटों पर कब्जा जमाया था, जबकि शिवसेना को 62 सीटें मिली थीं. कांग्रेस और एनसीपी को क्रमश: 42 और 41 सीटों के साथ संतुष्ट होना पड़ा था।

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