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राहुल ने किया खुलासा, लोकसभा में क्यों लगा पीएम मोदी के गले!

राहुल ने कहा कि 'मैंने हिंसा में परिवार के दो सदस्यों को खोया है और मुझे पता है कि हिंसा काम नहीं करती है. केवल प्यार नफरत को नष्ट कर सकता है.

 Special Coverage News |  23 Feb 2019 1:07 PM GMT  |  दिल्ली

राहुल ने किया खुलासा, लोकसभा में क्यों लगा पीएम मोदी के गले!

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि हिंसा कोई समाधान नहीं है और वह कभी भी 'गलत को सही नहीं' कह सकते हैं. उन्होंने शनिवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान पुलवामा आतंकी हमले पर चर्चा की.


राहुल गांधी ने कहा कि वह एक शहीद के बेटे के का दर्द समझ सकते हैं क्योंकि वह उसी दर्द से गुज़रे थे. उन्होंने कहा कि 'मैंने हिंसा में परिवार के दो सदस्यों को खोया है और मुझे पता है कि हिंसा काम नहीं करती है. केवल प्यार नफरत को नष्ट कर सकता है.' गांधी ने कहा कि 'आज अर्धसैनिक बलों को शहीद का दर्जा नहीं मिलता लेकिन, कांग्रेस की सरकार आयेगी तो उन्हें शहीद का दर्जा मिलेगा.' नोटबंदी का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा, 'नरेन्द्र मोदी जी ने नोटबंदी करके आपकी जेब से पैसा निकालकर चोरों की जेब में डाला है. हिंदुस्तान के इतिहास में नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला है. एक दिन ये सच्चाई निकलेगी.'


राहुल गाँधी ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाने जिक्र करते हुए कहा कि जब लोग उनके परिवार के खिलाफ बोल रहे थे, तब उन्होंने केवल प्यार दिखाया. गांधी ने कहा, 'जब मैंने संसद में पीएम मोदी को गले लगाया, तो मैं महसूस कर सकता था कि वह हैरान हैं... वह समझ नहीं पाए कि क्या हुआ... मुझे लगा कि उनके जीवन में प्यार की कमी है.'


गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि देश का धन 'कुछ लोगों' के हाथों में 'केंद्रित' है. राहुल ने कहा, 'सारा काम 15-20 उद्योगपतियों के लिए ही किया जा रहा है. सोच स्पष्ट है कि सरकार शिक्षा पर पैसा नहीं लगाना चाहती.सरकार चाहती है कि शिक्षा पर पैसा छात्र लगाएं और निजीकरण के जरिये इससे 15-20 उद्योगपतियों को ही मदद मिले. हमारा मानना है कि सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में मदद करनी चाहिए.'


राहुल गांधी के मुताबिक, 'आज विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद पर एक संगठन की विचारधारा के लोग बैठाये जा रहे हैं. वो चाहते हैं कि हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली उनका औजार बन जाए. जब मैं कहता हूं कि सरकार को शिक्षा के लिए मदद करना चाहिए, तो इसका मतलब है कि बैंक कर्ज को आसान बनाना, छात्रवृत्ति, अधिक विश्वविद्यालयों को जोड़ना, नामांकन को आगे बढ़ाना. अगर आप इनके आंकड़ों को देखें, तो भाजपा राज में इनमें गिरावट आई है.'

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