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ज्योति मिर्धा ने कांग्रेस हाईकमान को डरा कर नागौर से किया टिकिट हांसिल, बेकार हो गई अशोक गहलोत और हनुमान बेनीवाल की वार्ता

 Special Coverage News |  2 April 2019 7:58 AM GMT  |  दिल्ली

ज्योति मिर्धा ने कांग्रेस हाईकमान को डरा कर नागौर से किया टिकिट हांसिल, बेकार हो गई अशोक गहलोत और हनुमान बेनीवाल की वार्ता

28 मार्च की देर रात कांग्रेस ने राजस्थान के जिन 19 उम्मीदवारों की घोषणा की है उनमें नागौर से श्रीमती ज्योति मिर्धा का नाम भी शामिल हैं। ज्योति मिधा नागौर के दिग्गज नेता रहे स्वर्गीय नाथुराम मिर्धा की पोती हैं। शुरुआती दौर में ज्योति को ही नागौर से टिकिट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन आरएलपी के प्रमुख और नागौर में दमखम रखने वाले विधायक हनुमान बेनीवाल के विरोध के चलते ज्योति का नाम पीछे हो गया। कोई चार दिन पहले सीएम अशोक गहलोत और बेनीवाल के बीच नागौर के उम्मीदवार को लेकर एक घंटे तक वार्ता हुई। माना जा रहा है कि इस वार्ता में बेनीवाल ने ज्योति की उम्मीदवारी का विरोध किया।


बेनीवाल ने प्रस्ताव रखा कि नागौर से आरएलपी के उम्मीदवार का समर्थन कांगे्रस करे और आरएलपी के दोनों विधायक गहलोत सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर देंगे। इस वार्ता के बाद ज्योति ने भाजपा के नेताओं से सम्पर्क साधा। कहा जा रहा है कि दिल्ली में राजस्थान के प्रभारी केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात भी की। ऐसा लगा ज्योति मिर्धा अब भाजपा की उम्मीदवार हो सकती हैं। भाजपा की उम्मीदवारी का डर दिखाकर ही ज्योति ने कांग्रेस का टिकिट हासिल कर लिया। कांगे्रस नहीं चाहती थी कि ज्योति मिर्धा भाजपा में चली जाए। असल में मिर्धा परिवार का नागौर में दबदबा है। इस परिवार के सदस्य सांसद और विधायक बनते रहे हैं। स्वयं ज्योति भी नागौर से कांग्रेस की सांसद रह चुकी हैं।


हालांकि ज्योति की उम्मीदवारी में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के परिवार की भी भूमिका रही है। हुड्डा और मिर्धा परिवार में रिश्तेदारी है। ज्योति की घोषणा हो जाने से अब गहलोत और बेनीवाल की वार्ता भी बेकार हो गई है। सूत्रों की माने तो बेनीवाल के समर्थकों ने ज्योति की उम्मीदवार पर कड़ा ऐतराज जताया है। हो सकता है कि अब बेनीवाल नागौर से अपनी पार्टी का उम्मीदवार खड़ा कर दें। हालांकि पूर्व में भी बेनीवाल घोषणा कर चुके हैं कि सभी 25 सीटों पर आरएलपी के उम्मीदवार खड़े होंगे। भाजपा ने अभी तक भी नागौर से उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।


केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी मौजूदा समय में नागौर के सांसद हैं। लेकिन पहली लिस्ट में भाजपा ने चौधरी को उम्मीदवार घोषित नहीं किया। ऐसे में माना जा रहा है कि चौधरी का टिकिट कट सकता है। 29 मार्च को भाजपा ने राजस्थान के तीन और उम्मीदवारों की घोषणा की। इसमें अलवर से बाबा बालक नाथ, बांसवाड़ा डूंगरपुर से कनकमल कटारा तथा चूरू से राहुल कसवा है। लेकिन दूसरी लिस्ट में भी नागौर को शामिल नहीं किया गया। भाजपा ने पहले ही 16 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी, अब छह संसदीय क्षेत्रों में भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा शेष रह गई है, इनमें नागौर, राजसमंद, दौसा, भरतपुर, धौलपुर-करौली व बाड़मेर हैं।

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