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पति को मारकर 3 द‍िन बेड में छ‍िपाकर रखा शव, फिर ऐसे हुआ खुलासा - पुलिस के भी उड़े होश!

पुलिस की जांच में मौत का कारण 'पति- पत्नी और वो' की वजह सामने आई है.

 Special Coverage News |  23 Sep 2019 4:05 AM GMT  |  दिल्ली

पति को मारकर 3 द‍िन बेड में छ‍िपाकर रखा शव, फिर ऐसे हुआ खुलासा - पुलिस के भी उड़े होश!
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पत‍ि को पत्नी पर अवैध संबंधों का शक था ज‍िसके कारण उनके बीच अक्सर लड़ाई होती थी. एक द‍िन पत‍ि शराब पीकर आया तो पत्नी ने उसका स‍िर बेड के नुकीले ह‍िस्से में मार-मारकर कत्ल कर द‍िया. उसके बाद पत्नी ने शव को ठ‍िकाने के ल‍िए एक गहरी चाल चली. पत‍ि के शव को तीन द‍िन तक अपने डबल बेड में छ‍िपाया ज‍िस पर वह सोती रही, बाद में अनोखे तरीके से शव का ठ‍िकाने लगाया लेक‍िन वह पकड़ी गई. हैरान कर देने वाला यह मामला राजस्थान के अलवर ज‍िले का है.

अलवर जिले के भिवाड़ी के फूलबाग थाना अंतर्गत खिजुरिवास गांव में तीन दिन से लापता कुलदीप यादव का अधजला शव मिलने के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस की जांच में मौत का कारण 'पति- पत्नी और वो' की वजह सामने आई है. पुलिस ने पति की हत्या के मामले में बेवफा पत्नी निशा यादव को गिरफ्तार कर लिया है जिसने शराब के नशे में रात में आए पति के सिर को बेड के नुकीले कॉर्नर वाले हिस्से में मार-मार कर हत्या कर दी थी. उसके बाद पति के शव को खुद के डबल बेड के बॉक्स में छिपा दिया था.

दो दिन तक पत्नी उस बेड पर सोती रही थी लेकिन तीसरे दिन बेड से बदबू आने पर परिजनों ने पूछताछ की तो बेरहम हत्यारिन पत्नी ने सास-ससुर ओर खुद के चार साल के बेटे से कहा कि चूहा मर गया है उसकी बदबू आ रही है. बदबू की वजह से तीसरी रात को निशा खुद भी दूसरे कमरे में सोई. रात में बेड में आग लगा कर पति को जलाने का प्रयास किया लेकिन जब जलने की बदबू आने लगी तो परिजनों ने पानी डाल कर आग को बुझा दी.



उस रात को जले हुए कपड़ों को बाहर फिंकवाने लिए निशा ने छोटे बच्चों का सहारा लिया तो मामला खुल गया. इसके बाद अपने पति की हत्या कर शव बेड में छिपाकर रखकर और फिर बेड को आग लगाकर जलाने के मामले में मृतक कुलदीप यादव की पत्नी निशा को गिरफ्तार किया है.

भिवाड़ी एसएचओ बालाराम चौधरी ने बताया क‍ि खिजुरीबास निवासी शमशेर सिंह ने रिपोर्ट दी कि उसका 24 साल का बेटा कुलदीप जो 17-18 सितंबर की रात से लापता था. इसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 19 सितंबर को दर्ज कराई थी और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे.

19 सितंबर की रात को शमशेर के मकान में आग लग गई जिसमें रखे कपड़े बेड व अन्य सामान जल गए और 20 सितंबर को कुलदीप की पत्नी निशा और उसके बड़े भाई के पोते पंकज व नवनीत को घर पर बुलाया और कहा कि कमरे में जला हुआ सामान बाहर निकाल देते हैं. पंकज व उसके पड़ोसी नवनीत और पुनीत घर पर आए और निशा के कहे अनुसार कमरे में जले हुए सामान को बाहर मकान के पीछे खेत में डालकर उस सामान पर दो बोतल ट्रांसफार्मर तेल डालकर जला दिया.



फिर पंकज, नवनीत व पुनीत को निशा ने एक पुराने चद्दर में लिपटे हुए सामान समझकर बाहर निकालने के लिए निशा द्वारा कहा गया. उसी दौरान आग में डालने के लिए ले जाते वक्त रास्ते में कपड़ा हट गया तो पंकज, नवनीत और पुनीत ने देखा कि उसमें लाश है तो वे तीनों बच्चे लाश देखकर डरते हुए भाग गए.

पंकज ने इस घटना के बारे में अपने दादाजी राजवीर सिंह को बताया कि निशा ने कुलदीप की लाश को खेत में ले जाकर जलाया है. पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया और एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया. बच्चों से पूछताछ के आधार पर कुलदीप की हत्या का शक की सुई निशा पर गई तो पुलिस ने पूछताछ की. न‍िशा ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 17 - 18 सितंबर की रात को कुलदीप घर पर आया और शराब के नशे में मारपीट करने लगा. इसकी शिकायत उसने अपनी सास को भी की तो सास ने उसको समझा दिया और सुला दिया.

सास के सो जाने के बाद कुलदीप व निशा में फिर झगड़ा हो गया. कुलदीप नशे की हालत में था. कुलदीप के सिर को पकड़कर बेड के नुकीले से निशा ने दे मारा जिससे वह बेहोश हो गया बाद में पता चला कि कुलदीप की सांसें रुक गई हैं तो निशा ने कुलदीप की लाश को कमरे में स्थित बेड के अंदर रख द‍िया और बेड के ऊपर गद्दे डाल द‍िए.



कुलदीप की मां सुबह जब 5 बजे उठकर कमरे में गई तो उसने कुलदीप के बारे में पूछा. निशा ने कहा कि कुलदीप बाहर गया हुआ है. पड़ोसियों से भी पूछा तो किसी ने भी यह नहीं बताया कि कुलदीप को किसी ने देखा है. 19 - 20 सितंबर की आधी रात को 3 बजे कुलदीप के कमरे में निशा द्वारा आग लगा दी गई थी जिससे पुराना सामान जल गया. इस सनसनीखेज वारदात को उसकी पत्नी ने दबाए रखा. जब उस सामान को बाहर फेंका गया तो यह बताया गया घर में कोई चूहा मर गया है जिसकी बदबू आ रही है और हो सकता है अगर बत्ती जलने से आग लग गई हो लेकिन यह कहानी उसने रची थी और जानबूझकर घर में आग निशा ने ही लगाई थी.

पुलिस ने बताया कि निशा सबूत नष्ट करना चाहती थी लेकिन बच्चों ने इस बात को बता दिया. इसमें पंकज पुत्र इंद्रपाल इस घटना से इतना घबरा गया कि वह सो नहीं पाया. जब और उसकी तबीयत खराब हो गई उसको डॉक्टरों को दिखाया. जब दादाजी ने उससे पूछताछ की तो उसने सारे घटनाक्रम को बता दिया तभी से ही पत्नी पर शक चला गया. जब तक शव पूरी तरीके से नहीं जला तो खेत में ट्रांसफार्मर का ऑयल डालकर फिर उसको जला दिया लेकिन पुलिस ने निशा के सारे मंसूबों पर पानी फेरते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया. अब आगे की जांच जारी है.

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