अमित शाह के बाद अब वसुंधरा ने भी सीएम गहलोत से कन्हैयालाल हत्या मामले में पूछे सवाल, कन्हैया के बेटे से भी मिली। क्या हरीश चौधरी बने गहलोत पायलट के मध्यस्थ!
राजस्थान में उदयपुर में हुए कन्हैया लाल निर्मम हत्याकांड को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने एक दूसरे को घेरा हुआ है। कल उदयपुर की यात्रा के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उदयपुर के कन्हैया लाल हत्या प्रकरण में अशोक गहलोत आड़े हाथों लिया था। अमित शाह के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी सीएम गहलोत पर सवालों की बौछार कर दी। हांलांकि गृहमंत्री शाह द्वारा गहलोत पर आरोपों को झूंठा बताया। वहीं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर कन्हैयालाल हत्याकांड पर सीएम गहलोत पर कई सवाल दाग दिए।
गृहमंत्री अमित शाह ने जनसभा में संबोधित करते हुए कन्हैयालाल हत्याकांड पर कहा था की सीएम गहलोत मुझे कहते हैं. कन्हैयालाल हत्याकांड में आपने क्या किया।आपको पहले शर्म आनी चाहिए."। इस पर गहलोत ने सबको जबरदस्त जवाब देती हुई उन्हें झूठा करार कर दिया। मगर मामला यहीं नहीं थमा अब राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने की एक ट्वीट कर अशोक गहलोत से छ सवाल पूछ लिए। वसुंधरा ने पूछा की कन्हैया लाल को सुरक्षा उपलब्ध करवाने के बजाय उसे जेल में क्यों डाला? कन्हैया को सुरक्षा देने के बजाय आतंकियों और कन्हैया के बीच समझौता क्यों करवाया?
घटना के 10 दिन पहले एक आरोपी ने वीडियो जारी कर गला काटने की धमकी दी थी, उसके बाद भी कन्हैया को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई?
आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय कन्हैया की दुकान क्यों बंद करवाई?
जब उसने दुकान खोली तो वहां पर सादी वर्दी में पुलिस क्यों नहीं लगाई गई?
सीएम गहलोत आपकी पुलिस ने नहीं, आरोपियों को शक्ति सिंह और प्रह्लाद सिंह ने पकड़वाया था। उसके बाद से उन्हें नियमित धमकियां भी मिल रही है। आप जवाब दीजिये वादा करने के बावजूद आपने उन्हें अब तक हथियार का लाइसेंस, सुरक्षा और रोजगार क्यों नहीं दिया? इन सवालों के जवाब वसुंधरा राजे उदयपुर में आज कन्हैया लाल के पुत्र राजकुमार से भी मिली और उनके हालचाल जाने। अमित शाह के बाद वसुंधरा राजे द्वारा जोर शोर से गहलोत को कटघड़े में खड़ा करने की मुहिम के कई कयास लग रहे है।
गहलोत पायलट के सेतू की भूमिका में हरीश चौधरी?
पिछले कई दिनों से राजस्थान के कांग्रेस के सियासी संकट को समाप्त करने के लगातार प्रयास जारी है। छत्तीसगढ़ में टी एस सिंह देव को डिप्टी सीएम बना दिया जाने के बाद अब कांग्रेस हाईकमान का पूरा फोकस राजस्थान पर टिका हुआ है। नए समीकरण के अनुसार संभवत गहलोत और पायलट के बीच सुलहनामा के लिए पूर्व मंत्री हरीश चौधरी को सेतु के रूप में देखा जा रहा है। हरीश चौधरी ने दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं से लंबी बातचीत के बाद कल दिन में सचिन पायलट से भी जयपुर में मुलाकात हुई और इसके बाद देर रात हरीश चौधरी और गहलोत की भी लगभग एक घंटे बातचीत होने की खबर मिल रही है। समझा जा रहा है कि हरीश चौधरी हाईकमान विशेष रुप से राहुल गांधी के दूत के रूप में एक बार फिर से गहलोत और पायलट के बीच सामंजस्य बनाने में जुटे हुए हैं। देखने वाली बात होगी हरीश चौधरी की सेतु की भूमिका क्या राजस्थान कांग्रेस के संकट का बेड़ा पार लगा पाएगी!