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सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माई वे’ ने रचा इतिहास

 Special News Coverage |  19 Feb 2016 3:34 PM GMT

सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा ने रचा इतिहास



नई दिल्ली : भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर ने भले ही क्रिकेट से सन्यास ले लिया हो लेकिन उनका रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला अब भी जारी है।

जानेमाने और महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माई वे’ ने ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस’ में कीर्तिमान स्थापित किया है। और यह कथा और गैर कथा आधारित वर्ग में सर्वाधिक बिकने वाली पेपरबैक किताब बन गई है।

इस बेहतरीन किताब का प्रकाशन हैचेट इंडिया ने किया है जिसे 6 नवंबर 2014 को पेश किया गया था। इसने कथा आधारित और गैर कथा आधारित वर्ग के वयस्क वर्ग के पेपरबैक में सारे रिकॉर्ड चकनाचूर कर दिए हैं जिसकी 1,50,289 प्रतियां ‘आर्डर सब्सक्रिप्शंस’ से बिकी हैं।

सचिन तेंदुलकर की इस आत्मकथा के सह लेखक बोरिया मजूमदार थे। इसने खुदरा मूल्य के मामले में भी कीर्तिमान रचा है, इसकी कीमत 899 रूपये थी जिससे 13.51 करोड़ रुपए की कमाई हुई।

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