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आंतकवादियों की गतिविधियों के चलते खुफिया एजेंसियों ने सम्भल पर गड़ाई पैनी निगाहें

 Special News Coverage |  18 Dec 2015 8:38 AM GMT

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सम्भल (आर के त्यागी)ः आंतकियों की पश्चिमी उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद मण्डल में बढ़ती रैट पैंट के चलते आई बी ने अपनी कार्यशैली में परिवर्तन करना अब आवशयक समझा है दरअसल आईबी रेंज मुख्यालयों से ही अपना कामकाज करती रही है।

लेकिन जिस प्रकार से वेस्ट यूपी में आतंकियों की गतिविधियां बढ़ी हैं और यहां स्लीपिंग माड्यूल्स का नेटवर्क खड़ा हुआ है उसने केंद्रीय खुफिया एजेंसी को चौकन्ना कर दिया है। विश्वसनीय सूत्रों का कहना यह है कि आईबी पश्चिमी यूपी में अब जिला मुख्यालयों के साथ साथ छोटे - छोटे कस्बों में भी अपना नेटवर्क खड़ा करेगी।सम्भल में अलकायदा की जड़े गहरी हो चुकी हैं। आसिफ अकेला नहीं है, उसके पीछे स्लीपिंग सेल्स की पूरी फेहरिस्त है। इंडिया चीफ मोहम्मद आसिफ और सम्भल के जफर मसूद की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियों ने सम्भल पर निगाहें गढ़ा दी हैं। आसिफ के संपर्क में आए करीब दस युवकों को रडार पर लिया गया है। आईबी की टीम इन्हें पूछताछ के लिए कभी भी उठा सकती है।


​विदित हो कि ​सम्भल का आतंक से नाता करीब दो दशक पहले उस वक्त उजागर हुआ था जब संभल का एक युवक पाकिस्तान जाकर आईएसआई के संपर्क में आ गया था। इसके बाद वर्ष 2002 में जब लालकिला में ब्लास्ट हुआ तो भी संभल के पांच युवकों को खुफिया एजेंसियों ने उठाया था। बाद में ये सभी कोर्ट से बरी हो गए थे।​ ​इस बार मोहम्मद आसिफ की गिरफ्तारी और उसके बाद मसूद के पकड़े जाने से ​सम्भल ​फिर से आईबी की रडार पर है। आईबी की टीम ने आसिफ से संपर्क रखने वाले दस लोगों को निगरानी में लिया गया है।


आईबी की एक उच्चस्तरीय टीम ​सम्भल ​में कैंप कर रही है। आईबी की कोशिश है कि पिछले वर्षों में आसिफ से नाता रखने वाले हरेक शख्स को फिल्टर किया जाए।साथ ही जिले का पुलिस प्रशासन चप्पे चप्पे पर नजर बनाये रखे हुए है। अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक के अनुसार संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।

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