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जाट आरक्षण आन्दोलनः कर्फ्यू तोड़ने पर फायरिंग, झज्जर में 4 की मौत

 Special News Coverage |  20 Feb 2016 2:55 PM GMT

हरियाणा
जाट आरक्षण को लेकर हिंसक हो चले आंदोलन ने शनिवार को विकराल रूप धारण कर लिया है। नियम और कानून ताक पर हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने में अब तक असफल साबित हुए हैं। सुबह से ही आगजनी और तोड़फोड़ का दौर जारी है, जिसके बाद हरियाणा के 6 शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। रोहतक और भ‍िवानी में शुक्रवार से ही कर्फ्यू लागू है, जबकि रोहतक में उग्र भीड़ ने कानून को धता बताते हुए घरों में पथराव किया। हिसार में सेना की गाड़ी को भी प्रदर्शनकारियों ने वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।




झज्जर में फायरिंग, 4 की मौत
इस बीच झज्जर में कर्फ्यू तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बीच गोलीबारी की भी खबर है। फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनभर से अधिक लोग घायल हुए हैं। कैथल के कलायत के कैंची चौक पर जाटों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया है। यहां प्रदर्शनकारियों ने कई मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया। पत्थरबाजी भी की जा रही है। झज्जर की घटना के बाद हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन में हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है।


मिल्क प्लांट आग के हवाले
प्रदर्शनकारियों ने रोहतक में वीटा मिल्क प्लांट में भी आग लगा दी। आग लगने के कारण प्लांट से अमोनिया गैस लीक होने का खतरा है। इसके मद्देनजर आसपास के इलाके के लोगों को वहां से हटाया जा रहा है।

हरियाणा के छह शहरों रोहतक, भिवानी, झज्जर, सोनीपत, जींद और गोहाना में भी सेना ने शनिवार सुबह फ्लैग मार्च किया है। प्रदेश के आठ जिले अब सेना के हवाले हैं। जबकि इन सब के बीच प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई हैं। जाट आरक्षण के नाम पर दिल्ली में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा से आने वाली मुनक नहर का पानी रोक दिया है, जिसका सीधा असर दिल्ली की सप्लाई पर पड़ा है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से इस बाबत बात की है और बताया जाता है कि नहर की सुरक्षा के लिए सेना की तैनाती की जाएगी।


गृह मंत्री से चौधरी बीरेंद्र सिंह ने की बात
जाट आंदोलन की काट ढूंढ़ने के लिए सत्ताधारी बीजेपी ने अब जाट नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह को आगे किया है। उन्होंने शनिवार को कहा कि आंदोलन को लेकर उनकी गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बात हुई है। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी अभी अमित शाह जी से भी मुलाकात हुई। हमने उन्हें परिस्थि‍ति बताई। उन्होंने हमारी बात को ध्यान से सुना है। हम चाहते हैं कि पुरारी नीति को दोबारा देखा जाए। जाट आरक्षण होना चाहिए। हम जाट समाज के लोगों को बातचीत के लिए आमंत्रित करते हैं। जरूरत है कि तथ्यों पर बात हो, ताकि उस पर विचार हो सके।


उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक दलों को भी चाहिए कि वे बातचीत की इस प्रक्रिया में सरकार और बीजेपी का साथ दें। लोग शांति बनाए रखें और आने वाले दिनों में बात करने के लिए जाट नेता आगे आए।

बीजेपी से सैनी को कारण बताओ नोटिस

राज्य में सत्तासीन बीजेपी ने इस बीच अपने ही नेता राजकुमार सैनी पर कार्रवाई की मुद्रा में आ गई है। अनिल जैन ने शनिवार को कहा कि सैनी के जाट आरक्षण विरोधी बयानबाजी पर बीजेपी उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने वाली है. जैन ने कहा, 'पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के संज्ञान में पिदले कुछ दिन में जो बयानबाजी हई, जिसने भी की है, पार्टी राजकुमार सैनी को कारण बताओं नोटिस देगी। बीजेपी किसी जाति के विरोध में नहीं है। सबको साथ लेकर चलेगी।
सीएम ने की अपील
राज्य में भड़कती हिंसा पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आंदोलकारियों से शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान के दायरे में हर बात मानने को तैयार है।





बसों को लगाई आग

आंदोलनकारियों ने जींद के खेड़ा, जुलाना रेलवे स्टेशन, डाकघर, मार्केट कार्यालय समेत पिल्लूखेड़ा थाना और रोहतक बस डिपो में खड़ी बसों को आग लगा दी। इसके बाद यहां पर सेना को तैनात किया गया है। सेना ने फ्लैग मार्च भी किया, लेकिन उसके बाद फिर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और उन्होंने कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया।





दिल्ली के सभी रास्ते सील
हरियाणा में आरक्षण की आग का असर दिल्ली में भी दिखाई देने लगा है। नरेला बॉर्डर पर एनएच-1 को भी आंदोलनकारियों ने बंद कर दिया है, वहीं बाहरी दिल्ली के सभी रास्तों को सील कर दिया गया है। इसके कारण दिल्ली में होने वाली पानी की किल्लत को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा के सीएम से फोन पर बात की है। सीएम खट्टर ने उन्हें आश्वस्त किया है कि दिल्ली की पानी की सप्लाई वाली नहर पर सिक्योरिटी लगाई गई ह॥




पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना
राज्य के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि इस मसले को सरकार को आपसी बातचीत कर सुलझाना चाहिए। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की भी कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि जो कुछ घटित हो रहा है वह राज्य के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने और किसी को जानमाल की क्षति न पहुंचाने का आग्रह किया है। उनका कहना था कि पहले भी आंदोलन हुआ था, लेकिन इतना उग्र कभी नहीं था। आंदोलन के चलते इस बार कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।



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