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CM नीतीश ने 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण बढ़ाने की उठाई मांग

 Special News Coverage |  9 April 2016 12:53 PM GMT

CM Nitish


पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निजी क्षेत्र में आरक्षण का दायरा बढ़ाने की मांग की है। नीतीश कुमार ने तमिलनाडू का हवाला देते हुए 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अगर तमिलनाडू में 69 प्रतिशत आरक्षण हो सकता है तो दूसरे राज्यों में क्यों नहीं। नीतीश ने कहा कि संभव हो तो आरक्षण की सीमा बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन होना चाहिए। नीतीश कुमार ने कहा कि समाजिक न्याय के लिए निजी क्षेत्र में भी आरक्षण देना चाहिए।


नीतीश ने कहा कि मैंने गांधीजी के प्रेरणा से संसद में 10 साल पहले ये मुद्दा उठाया था कि धर्म बदलने से जाति नहीं बदलती। दलित मुसलमान और ईसाइयों को एससी-एसटी का दर्जा मिलना चाहिए। एससी और एसटी यानि अनुसूचित जाति और जनजाति किसी भी धर्म के हो सकते हैं। कोई जरूरी नहीं कि सिर्फ हिंदू धर्म के मानने वाले ही को एससी-एसटी का दर्जा मिले। वक्त के साथ बौद्धों और सिखों को एससी-एसटी का दर्जा मिल गया, लेकिन बड़ी संख्या में इस्लाम को मानने वालों और ईसाइयों को इससे महरूम रखा गया।


नीतीश कुमार ने कहा कि इस बार के बिहार चुनाव में प्रधानमंत्री ने इसे राजनैतिक तौर पर दलितों के हकमारी के रूप में मेरे खिलाफ इस्तेमाल किया था। इससे मेरे पार्टी के लोग भी घबराए थे, लेकिन मैंने कहा कि इसे मजबूती से रखे क्योंकि मैने सोच-समझकर कहा था। अगर अनूसूचित जाति की संख्या बढ़ेगी तो उनका 27 फीसदी का कोटा भी बढना चाहिए। अगर तमिलनाडु में एससी-एसटी और ओबीसी को मिलाकर 69 फीसदी आरक्षण हो सकता है तो बाकी देश में क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक मजबूत इच्छा शक्ति चाहिए।

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