Top
Begin typing your search...

दीप्ति अपहरणः एक तरफा इश्क का मामला, लड़की की खूबसूरती पर दिल दे बैठा

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
dipti-sarna

गाजियाबाद
स्नैपडील कर्मचारी दीप्ति सरना के अपहरण के मामले में पुलिस ने सोमवार दोपहर खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि सर्विलांस और ट्रूकॉलर के जरिए उन्हें आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।

गाज़ियाबाद एसएसपी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि आरोपी हिस्ट्रीशीटर है और कोर्ट में पेशी के दौरान कुरुक्षेत्र से भागा था। आरोपी ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर एक साल पहले दीप्ति को देखा था। वह लड़की की खूबसूरती पर दिल दे बैठा।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने एक साल में करीब डेढ़ सौ बार लड़की की रेकी की और आने-जाने के रास्तों पर गौर किया। दीप्ति को बीते बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे गाज़ियाबाद के वैशाली मेट्रो स्टेशन से चार लोगों ने उस वक्त अगवा कर लिया था, जब वह ऑटो से अपने घर जा रही थी उसके पिता नरेंद्र शर्मा ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी। और फिर 36 घंटे बाद दीप्ति सही सलामत अपने घर वापस लौट आई थी। वह पानीपत में थी। दीप्ति ने पुलिस और परिवार को बताया था कि उसे किडनैपर्स ने खुद ही छोड़ दिया था।


कई दिनों से कर रहा था पीछा
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक का नाम देवेंद्र है। उसी ने पूरे घटनाक्रम की साजिश रची थी। हरियाणा का रहने वाला देवेंद्र कई दिनों से दीप्ति का पीछा कर रहा था और उसके आने-जाने के वक्त पर नजर रख रहा था। उसके साथियों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि वे लोग दीप्ति को अगवा करने जा रहे हैं। उन्हें भी देवेंद्र ने धोखे में रखा और साजिश में शामिल कर लिया।

मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका है मामला

दीप्ति के अपहरण का मामला प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव तक पहुंच चुका है, जिसकी वजह से पुलिस भी मामले में तेजी बरत रही है। दीप्ति के लापता होने पर यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने खुद शीर्ष अधिकारियों को आदेश दिया था कि जल्द से जल्द मामले को सुलझाएं। सोमवार को पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी। इनमें से एक शख्स दीप्ति से एकतरफा प्यार करता है और उसी ने सारी साजिश रची।

पुलिस को पहले से ही शक था कि दीप्ति के अपहरण में किसी नजदीकी का हाथ हो सकता है और यही वजह थी पुलिस लगातार दीप्ति के ऑफिस में काम करने वालों और उसके दोस्तों, जानकारों से पूछताछ कर रही थी। इसके अलावा उसके मोबाइल की कॉल डीटेल्स भी खंगाली गई।
Special News Coverage
Next Story
Share it