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रेयान स्कूल केसः बेटे दिव्यांश की याद में ‘मां’ ने लिखी दिल को चीरने वाली भावुक कविता

 Special News Coverage |  1 Feb 2016 4:13 PM GMT

बेटे दिव्यांश की याद में ‘मां’ ने लिखी भावुक कविता

नई दिल्ली : साउथ दिल्ली के रयान इंटरनैशनल स्कूल में टंकी में गिरकर मौत के आगोश में समाए छह साल के दिव्यांश की मौत से उसके माता-पिता गहरे सदमे में हैं। दिव्यांश की मां ने अपने लाड़ले की याद करते हुए एक बेहद भावुक कविता लिखी है। पढ़िए यह कविता…

मेरा बेटा (दिव्यांश)

चांद वहीं है, तारे वहीं हैं तेरे बिस्तर पर तेरी मां वहीं है, पापा वहीं हैं…

तकिया वहीं है, चादर वहीं है पर, मेरे साथ आज मेरा लाल तू नहीं है?


तेरे खिलौने देखूं…
तेरी कार देखूं…
पर मेरे चांद तेरा चेहरा मैं आज कैसे देखूं…

छूता था इन सबको अपने हाथों से यही सोचकर आज इन्हें गले लगा रही हूं…

आंखें बंद करूं तो तू दिखे आंखें खोलूं तो ओझल हो जाए

एक बार तूने जाते वक्त मां पुकारा तो होगा
काश! मैं तेरे साथ होती
काश! आज तू मेरे पास होता
काश! काश! काश!
मां



दिव्यांश की ‘मां’ ने लिखी भावुक कविता

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