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स्टेनॉग्राफर का बेटा बना जज, पिता का सपना किया साकार

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नासिक : एक स्टेनॉग्राफर के बेटे विशाल अपने पिता की प्रेरणा का सहारा लेकर इस मुकाम तक पहुंचे और जज बनकर पिता का सपना साकार किया। कमजोर आर्थिक परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से किस तरह अपना लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है, इसका जीवंत उदाहरण हैं महाराष्ट्र के नासिक जिले के विशाल देशमुख।

विशाल के पिता विष्णु देशमुख मनमाड के लोअर कोर्ट में 30 साल तक स्टेनॉग्राफर थे। विष्णु ने अपना पूरा जीवन अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के प्रयास में लगा दिया। उन्होंने ही विशाल को लॉ पढ़ने और जज बनने की प्रेरणा दी थी।

विशाल ने पुणे के आईएलएस लॉ कॉलेज से लॉ की पढ़ाई की। इसके बाद उसने मनमाड के लोअर कोर्ट में पांच साल तक प्रैक्टिस भी की। यह दौर विशाल के लिए काफी लाभकारी साबित हुआ। इस दौरान विशाल ने राज्य के फर्स्ट क्लास जिला मजिस्ट्रेट के पद के लिए महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षा भी दी। विशाल ने पहले प्रयास में ही यह परीक्षा पास कर ली और जज बनकर अपने पिता का सपना साकार कर दिया।

विशाल अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने अभिभावकों को देते हैं। विशाल का मानना है कि उनकी प्रेरणा और प्रयासों के अभाव में, वह कभी जज बनने के बारे में सोच भी नहीं सकते थे। विशाल का कहना है कि अगर आपके अन्दर निष्ठा है और आप कठिन परिश्रम कर सकते हैं तो गरीबी कभी भी बाधा नहीं बन सकती।
साभार : NBT
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