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भदोही से रंगनाथ, बदलापुर से रवीन्द्र होंगे बसपा प्रत्याशी

 Special News Coverage |  6 Jan 2016 2:24 PM GMT


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भदोही (सुरेश गाँधी)ः बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने पूर्वमंत्री रंगनाथ मिश्रा को भदोही विधानसभा व रविन्द्रनाथ त्रिपाठी को जौनपुर के बदलापुर विधानसभा से चुनाव लड़ने का संकेत दिया है। इस घोषणा के बाद भदोही में चुनाव की सरगर्मी तेज हो गयी है। बता दें श्री मिश्रा भदोही जिले के औराई विधानसभा से लगातार चार बार चुनाव जीत चुके है। दो बार भाजपा व दो बसपा से वह विधायक रहे है और दोनों सरकारों में गृहराज्यमंत्री, उर्जामंत्री, वन मंत्री सहित कई विभागों के मंत्री पद संभाल चुके है।


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भदोही में बाहुबलि विधायक विजय मिश्रा से उनकी अदावत है। मिश्रा के आतंक के चलते ही उन्हें कईबार कठिनाईयों का सामना करना पड़ा है, लेकिन श्री मिश्रा अपने विकास कार्यो व जनता में गहरी पैठ के लिए जाने जाते है। यही वजह है कि मायावती ने उन्हें फिर से मौका दिया है। माना जा रहा है वह 2017 के भदोही विधानसभा चुनाव में सपा व भाजपा को कड़ी टक्कर देंगे। जिस तरह उन्होंने पूर्व में विकास कराया है और जनता के दुख-दर्द में रीक होकर निराकरण किया है उससे जीत से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।


मिश्रा ने कहा है कि भदोही को गुंडाराजमुक्त कराना उनकी प्राथमिकता होगी। केंद्र और राज्य सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि सपा सरकार के नेता नुमाइशी तौर पर साइकिल चलाने, परिवार को प्रमोट करने और फैमिली शो (सैफई महोत्सव) में बहुत बिजी हैं। पार्टी मायावती के जन्मदिन 15 जनवरी को भदोही में जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाएगी।


मिश्रा ने सपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जनसेवा, जनहित और जनकल्याण के साथ अपराध-नियंत्रण और अच्छी कानून-व्यवस्था कभी भी सरकार की प्राथमिकता में नहीं रही है। इनके जनविरोधी कामों से पूरे प्रदेश में हर स्तर पर अराजकता का माहौल है। सपा सरकार की नकेल गुंडों, माफियाओं, अत्याचारी, जातिवादी और भ्रष्ट सपा नेताओं के हाथ में रही है। इसी कारण अच्छे और ईमानदार लोग परेशान है। सिविल या पुलिस अधिकारी काम नहीं कर पा रहे हैं। कहा कि सपा और बीजेपी की मिलीभगत से प्रदेश का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है। कहा, मायावती के चार बार के शासनकाल में यूपी की कानू व्यवस्था सबसे बेहतर रही है। यही वजह है कि जनता उन्हें बेसर्बी से इंतजार कर रही है और अब मायावती 5वीं बार यूपी की सीएम बनने की ओर अग्रसर है। इसलिए उन्होंने मूर्तियों और स्मारकों के चक्कर में नहीं पड़ने का एलान किया है। इसबार डेवलपमेंट ही उनका एजेंडा होगा। कहा, बीएसपी यूपी में अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम है। साल 2017 में बसपा की ही सरकार बनेंगी।

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