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सीएम अखिलेश ने दिए संकेत, पार्टी में गुटबाजी बर्दाश्त नहीं,कैबिनेट मंत्री को मिली चेतावनी

 Special News Coverage |  25 Dec 2015 2:52 PM GMT



लखनऊः समाजवादी पार्टी में बार बार चेतावनी के बाबजूद नही सुधार पर आज लिया गया बड़ा एक्शन। सीएम अखिलेश के चहेते रहे युवा नेता सुनील यादव साजन, अलीगंज विधायक रामेश्वर यादव के बेटे सुबोध यादव और आनंद भदौरिया को सपा ने पार्टी से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही कैबिनेट मंत्री पंडित सिंह को कड़ी चेतावनी दी गई है।

मिशन- 2017 पर कोताही नहीं
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बहुत करीबी तीन युवा नेताओं की आज हुई बर्खास्तगी सिर्फ यह बताने के लिए है कि समाजवादी पार्टी का पूरा ध्यान अब मिशन- 2017 पर है और पार्टी के प्रति कोताही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को बक्शा नहीं जाएगा। भले ही वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।


1-सुनील सिंह साजन
नेपाल में हाल ही में हुई भूकम्प त्रासदी के बाद उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार नेपाल को मदद पहुंचाने के लिए खडी हुई थी तब अखिलेश ने सुनील सिंह साजन पर ही सबसे ज्यादा भरोसा किया था और नेपाल में जा रही मदद की पूरी कमान सुनील सिंह साजन के हाथों में ही थी.

2-आनन्द भदौरिया
समाजवादी पार्टी से बर्खास्त किये गए दूसरे नेता आनन्द भदौरिया अखिलेश यादव भी नहीं मुलायम सिंह यादव के भी करीबी रहे हैं। आनन्द भदौरिया को समाजवादी पार्टी ने धौरहरा से से लोकसभा का चुनाव भी लड़ाया था। 2012 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने आनन्द भदौरिया को काफी तवज्जो दी थी। चुनाव के दौरान भदौरिया का क़द पार्टी में काफी बढ़ गया था। इससे पहले भी पार्टी के प्रदर्शनों में भदौरिया आगे-आगे रहते थे। लखनऊ में हुए प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन एसएसपी डी के ठाकुर ने पार्टी के जिस नेता को बुरी तरह से पीटा था और अखबारों में एक नेता को अपने बूट से रौंदते एसएसपी की तस्वीर काफी चर्चित हुई थी वह आंनद भदौरिया ही थे। समाजवादी पार्टी आनन्द भदौरिया को ठाकुर वोट बैंक को मैनेज करने वाला मानकर चलती थी।

3-डॉ. सुबोध यादव
पार्टी से हटाये गए तीसरे नेता अलीगंज (एटा) MLA रामेश्वर सिंह यादब के बेटे डॉ. सुबोध यादव को भी मुख्यमंत्री का काफी करीबी माना जाता है। मुख्यमंत्री के हैलीकाप्टर में साथ-साथ दौरा करते हुए उन्हें कई बार देखा गया है। यह चीनी मिल के उपाध्यक्ष रहे हैं। एसडीएम को ट्रांसफर करा देने वाले और फरुखाबाद के जहानगंज एसओ को पीट देने के मामले में भी बेदाग़ बरी हो जाने वाले सुबोध यादव को आज पार्टी ने बहार का रास्ता दिखा दिया।

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