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वाराणसी : गलत इंजेक्शन ने ली सात मरीजों की आंखों की रोशनी !

 Special News Coverage |  1 Feb 2016 7:41 AM GMT

BHU hospital


वाराणसी : गलत इंजक्शेन लगाने से 7 लोगों की जिंदगी में अंधेरा छा गया। मामला उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बीएचयू स्थित सर सुंंदर लाल अस्पताल का है। यहां पर रेटिना के एक इंजेक्शन से सात लोगों की आंखों की रोशनी चली गई।

पीड़ित मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया था, इसके बाद उन्हें दिखना बंद हो गया। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि इंजेक्शन खराब था। तीमारदारों ने नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. ओपीएस मौर्य पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मरीजों का आरोप है कि दूसरे दिन ही डॉक्टर को बताया गया लेकिन उन्होंने मामला दबाने की कोशिश की। उल्टा, अस्पताल प्रशासन ने उनसे किसी प्राइवेट डॉक्टर से इलाज करवाने को कहा। रविवार को मरीजों ने लंका थाने में डॉ.मौर्या के खिलाफ तहरीर दी है।


इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। थाना प्रभारी संजीव मिश्रा ने बताया कि सात लोगों ने इस बाबत लंका पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी।

थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत मिलने पर उन लोगों को वाराणसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के पास चिकित्सा जांच के लिए भेजा गया है। सीएमओ ने मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। सीएमओ ने बोर्ड को जल्द-से-जल्द अपनी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

ज्ञात हो कि रेटीना की बीमारी को दूर करने के लिए जिन मरीजों को इंजेक्शन लगा उन सभी को अगले दिन दिखायी देना बंद हो गया। जनवरी माह में रेटीना दुरूस्त कराने गये लक्ष्मण शर्मा आत्मा राम सिंह, हरिहर सिंह, विनोद कुमार सिंह, कमला सिंह, राम गहन और जगदीश प्रसाद को एक साथ इंजेक्शन लगा था।डा. ओमप्रकाश सिंह मौर्या का कहना है कि सभी को जो इंजेक्शन दिया गया है वही इंजेक्शन रेटिना के इलाज में दुनिया भर में दिया जाता है। मरीजों की शिकायत पर इंजेक्शन के केमिकल की जांच कराई गई है।

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