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दिल्ली: 4th Global Agriculture Awards में डॉ त्रिलोचन महापात्रा ने किया 18 विशिष्ट व्यक्तियों, संस्थानों और राज्यों को सम्मानित

 अनमोल |  7 Nov 2019 3:34 AM GMT  |  Delhi

दिल्ली: 4th Global Agriculture Awards में डॉ त्रिलोचन महापात्रा ने किया 18 विशिष्ट व्यक्तियों, संस्थानों और राज्यों को सम्मानित
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दिल्ली: डॉ त्रिलोचन महापात्रा महानिदेशक आईसीएआर द्वारा नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में मंगलवार को 4th ग्लोबल एग्रीकल्चर अवार्ड्स में कृषि क्षेत्र में ख्याति प्राप्त हस्तियों को कृषि पुरस्कार प्रदान किए गए. जिसमें 18 विशिष्ट व्यक्तियों, संस्थानों और राज्यों को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया.

डॉ पीके जोशी, डॉ सी कोले, युधिवीर सिंह, सुधाकर तोमर, डॉ केन मिश्रा, डॉ डगलस वैगनर, एनएबीआई, एलपीयू, संस्थानों के बीच एनसीडीईएक्स, बेयर क्रॉपसाइंस, कोरोमंडल, इंडोफुल, वॉलमार्ट, सहयाद्रि फार्म, एग्रोमेट्रिक्स और राज्यों के बीच हरियाणा, हिमाचल और तमिलनाडु की सरकारें ICFA ग्लोबल अवार्ड्स 2019 के प्रमुख पुरस्कार विजेता थे.

इससे पहले सुबह में ग्लोबल एग्री समिट का उद्घाटन जल शक्ति मंत्रालय के सचिव, यूपी सिंह द्वारा किया गया था. डॉ अशोक दलवई, अध्यक्ष, डीएफआई पर टास्क फोर्स, डॉ पूर्वी मेहता, एग्री के एशिया प्रमुख, गेट्स फाउंडेशन और डॉ डगलस वाग्नेर, अध्यक्ष, शैवालएनेगी समेत कई नामी गिरामी हस्तियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया.

दरअसल भारतीय कृषि एवं खाद्य परिषद के एमडी डॉ एम जे खान विगत कई वर्षों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि के बढ़ावे को लेकर लगातार काम कर रहे है. इसके साथ साथ डॉ खान समय समय पर इस क्षेत्र में अच्छे कार्य करने वाले वैज्ञानिक, डॉ , कम्पनी और राज्य सरकारें जो किसान के हित के किसी भी क्षेत्र में कमा करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को अवार्ड्स देकर हौसला अफजाई का काम करते है. बीते साल उन्होंने कृषि क्षेत्र में हरित क्रान्ति के जनक मानेजाने वाले डॉ स्वामी नाथन को एक लाख डॉलर का पुरस्कार भी दिया था.

बता दें कि डॉ एमजे खान की इच्छा है कि इस देश का किसान जिस दिन शाम को चैन कि नींद सो जाएगा उस दिन वो समझेंगे कि अपने मकसद में कामयाब हो गए. अभी इस मकसद में उन्हें बहुत कुछ करना है. उनेक द्वारा समय समय पर सरकार को भी जानकारी दी जाती रहती है. और कभी कभी खुद सरकार उनको बुलाकर किसान के होते के लिए क्या करना चहिये पर बात करती है. चूँकि डॉ खान भी एक किसान परिवार से आते है तो उनसे बेहतर किसान कि हालत कौन जान सकता है.

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