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हिन्दी के सभी अखबारों ने समुद्री तूफान का नाम गलत लिख खबर छाप दी

समुद्री तूफान 'अमपन' है अमफान नहीं

 Shiv Kumar Mishra |  22 May 2020 9:10 AM GMT  |  दिल्ली

हिन्दी के सभी अखबारों ने समुद्री तूफान का नाम गलत लिख खबर छाप दी
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संजय कुमार सिंह

हिन्दी के सभी अखबारों ने समुद्री तूफान 'अमपन' का नाम गलत लिखा है। अंग्रेजी में इसका नाम अम्फन या अम्फान लिखा गया है तो हिन्दी वालों ने इसे अपने हिसाब से अम्फान, एम्फन (दैनिक जागरण) कर दिया। समुद्री तूफान का नाम तय करने का एक तरीका है और नाम उसके अर्थ से भी तय होता है। इस बार तो अंग्रेजी से अंफान ही बनता है तो ज्यादातर ने यही लिखा है पर पिछली बार नाम फनी था पर इसका मतलब और कारण जाने बगैर अखबारों ने इसे फणी से लेकर फनि तक लिखा था। जागरण ने इसबार नाम रखने का कारण बताते हुए इसे एम्फनी लिखा है जबकि अंग्रेजी अखबारों ने लिखा है कि इसका उच्चारण अम्पन होता है। अम्पन हो या एम्फन - आज के अखबारों से साफ है कि बाकी किसी ने सही नाम देखने या जानने की कोशिश ही नहीं की। दैनिक जागरण की कोशिश अधूरी रही।

अखबार ने यह तो बताया है कि नाम कैसे रखा जाता है पर यह नहीं बताया कि उसे बोला क्या जाता है। अंग्रेजी के नामों को हिन्दी में लिखने के लिए उसके उच्चारण भी जानना चाहिए। भिन्न देशों में अंग्रेजी अलग ढंग से लिखी और बोली जाती है। वैसे भी पीयूटी पुट होता है लेकिन बीयूटी बट होता है। इसलिए ज्ञान कभी भी पूरा नहीं हो सकता है। दूसरे को बताने से पहले उसे जांच ही लेना चाहिए। इस लिहाज से मुझे reliefweb.int पर भारत सरकार के 'सूत्र' से लिखा मिला कि अंग्रेजी के एएमपीएचएएन को अमपन बोला जाता है। इस लिहाज से यह हिन्दी अमपन अम्पन ही हो सकता है। सुविधा के लिए अमपन सीधा सरल है। यह देखना दिलचस्प होगा कि अंग्रेजी चैनल क्या बोल और लिख रहे हैं।

इस विषय पर पिछले साल अपनी पोस्ट, एक तूफान नाम अनेक – फणी से लेकर फनि तक; जानिए कैसे रखे जाते हैं तूफान के नाम। फनी नाम को गलत लिखे जाने पर मैंने लिखा था, ऐसी गलती की शुरुआत टेलीविजन से होती है। इंडिया टीवी ने इसे "फनि" लिखा था। आजतक और एबीपी न्यूज फोनी कह रहा था। टेलीविजन पर अगर गलत बोला जा रहा हो तो अखबार वाले उसके दबाव में भी रहते हैं। पर वह अलग मुद्दा है। कहने की जरूरत नहीं है कि नाम विदेशी शब्दों से भी लिया जाता है इसलिए हिन्दी अर्थ और अंग्रेजी के हिज्जे के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए और स्रोत से सही नाम पता कर सही लिखा, पढ़ा और बोला जाना चाहिए। फनी सांप के फन से बना है और हिन्दी अर्थों के लिहाज से सब गलत लिखते-बोलते रहे।

factly.in ने भी लिखा है कि इसे अमफन बोला जाता है और नाम रखने की प्रक्रिया बताने की खबर के पहले ही वाक्य में लिखा है, "समुद्री तूफान अमफान (अमपन बोला जाता है) ....। हिन्दी आपकी भाषा है चाहे जैसे लिखिए। जितने आलसी या अराजक रहिए पर दूसरी भाषा को सही नहीं लिखेंगे तो कोई भी गंभीरता से नहीं लेगा और भाषा की खाने वाले लोग भूखों मरेंगे। आज हिन्दी जानने वालों को व्याख्याता की नौकरी के अलावा कोई भी ऐसा काम नहीं मिल सकता है जिससे वह जिन्दा रह सके। क्या हिन्दी के सभी संपादक-जानकार मिलकर हिन्दी के मानकीकरण के लिए एक व्हाट्सऐप्प ग्रुप पर चर्चा नहीं कर सकते हैं? मैं हिन्दी का जानकार नहीं हूं पर मानकीकरण का समर्थक हूं।

लेखक वरिष्ठ पत्रकार है उनकी फेसबुक वाल से लिया गया है.

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