Top
Begin typing your search...

भारतीय रेलवे की एक और उपलब्धि, बैटरी से दौड़ी ट्रेन

भारतीय रेलवे की एक और उपलब्धि, बैटरी से दौड़ी ट्रेन
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

रजत शर्मा

भारतीय रेलवे ने ट्रेन के इंजन को दौड़ाने के क्षेत्र में रेलवे ने एक कदम और आगे बढ़ाया है। भारतीय रेल ने बैटरी से चलने वाले इंजन को बनाया है और इसका सफल परीक्षण भी किया है। यानी कुछ ही दिनों में अब पटरियों पर बैटरी से चलने वाली ट्रेनें नजर आ सकती हैं।

रेलवे के मुताबिक इस इंजन का निर्माण बिजली और डीजल की खपत को बचाने के लिए किया गया है। इंडियन रेलवे ने बताया कि पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर मंडल में बैटरी से चलने वाले ड्यूल मोड शंटिंग लोको 'नवदूत' का निर्माण किया गया है, जिसका परीक्षण सफल रहा है। बैटरी से ऑपरेट होने वाला यह लोको, डीजल की बचत के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण में एक बड़ा कदम होगा।

भारतीय रेलवे ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है। मध्य प्रदेश के बीना में रेलवे ने इसके लिए सोलर पावर प्लांट को तैयार किया है। इससे 1.7 मेगा वॉट की बिजली उत्पन्न होगी और सीधे ट्रेनों के ओवर हेड तक पहुंचेगी। रेलवे का दावा है कि भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश है। इससे पहले रेलवे के इतिहास में ऐसा किसी भी देश ने नहीं किया है। रेलवे ने इस बैटरी से चलने वाली पहली ट्रैन को शेषनाग का नाम दिया है।

Shiv Kumar Mishra
Next Story
Share it