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विसाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शरजाह में लगाई एटीयूएम छत

दुनिया की पहली इंटिग्रेटेड सोलर छत एटीयूएम पहली बार संयुक्त अरब अमीरात में लगाई गई

विसाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शरजाह में लगाई एटीयूएम छत
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भारत : विसाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शरजाह (संयुक्त अरब अमीरात) में दुनिया की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड सोलर छत एटीयूएम (ATUM) स्थापित की है। यह सोलर इंटिग्रेटेड छत स्पोर्ट्स बीच और सेंट्रल प्लाजा के फेज 1 में स्थित खोर फक्कन कोर्निश मस्जिद में स्थापित की गई है।

एटीयूएम (ATUM) बिजली पैदा करने वाली दुनिया की पहले इंटिग्रेटेड सोलर छत (Roof) है। यह पूरी तरह इंटिग्रेटेड है और अड़चन रहित सोलर छत है जिसमें पोली या मोनो-क्रिस्टलाइन सोलर सेल और सीमेंट बोर्ड लगे हैं। छत के तौर पर इस्तेमाल होने वाला यह काफी टिकाऊ मैटेरियल है। यह दुनिया का पहला ऐसा सोलर पैनल है, जो सीधे छत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

खोर फक्कन कोर्निश (Khor Fakkan Corniche) की छत 1804 वर्ग फीट में फैली है और इससे 26।24 किलोवाट बिजली पैदा होती है। विसाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड की टीम ने यहां 82 इंटिग्रेटेड एटीयूएम सोलर पैनल लगाने में पांच दिन लगाए।

एटीयूएम को मार्केट में उपलब्ध पारंपरिक सोलर टाइल्स के उलट अपनी नीचे किसी छत की जरूरत नहीं होती। एक छत के तौर पर यह खुद ही ऐसी मैकेनिकल खासियतों से लैस होती है जो टाइल/शिंगगल्ज/पारंपरिक पैनलों से गुणवत्ता में काफी अच्छी होती है। एटीयूएम किसी भी निर्धारित इलाके में 20 से 40 फीसदी अधिक क्षमता से काम करती है। इसलिए किसी भी छत वाले इलाके में सौर बिजली (Solar Power) बनाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाना वाले यह सबसे पसंदीदा प्रोडक्ट है।

पारंपरिक सोलर रूफ की तुलना में यह 20 से 40 फीसदी बिजली पैदा करती है। एटीयूएम देखने में भी सुंदर होती है और अतिरिक्त फ्लोर स्पेस मुहैया कराती है। पारंपरिक सोलर छतों में यह संभव नहीं है। यही वजह है कि एटीयूएम में निवेश के चार साल से भी कम समय में रिटर्न मिलने लगता है। इस तरह यह काफी आकर्षक निवेश बन गया है। उपभोक्ता को चार साल से भी कम समय में इसका आर्थिक फायदा मिलने लगता है। इससे वह अगले 25 साल तक मुफ्त बिजली लेता रहता है।

इस साल की शुरुआत में विसाका इंडस्ट्रीज लिमिटेड को इसकी एटीयूएम सोलर छत के लिए 20 साल का पेटेंट मिला था। यह पेटेंट 'इको फ्रैंडली एनर्जी जेनरेटिंग रूफ'(Eco-Friendly Energy Generating Roof) कैटेगरी में खोज के लिए दिया गया। एटीयूएम को इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन (IEC) के मानकों के मुताबिक प्रतिष्ठित यूएल (UL) सर्टिफिकेशन हासिल हुआ है। प्रति वर्ग फीट 780 पौंड के यूनिफॉर्म लोड, 2200 पौंड के स्नो लोड लेने के लिए यह सर्टिफिकेशन हासिल हुआ है।

अमेरिकन सोसाइटी फॉर टेस्टिंग मैटेरियल (ASTM) के मानकों के मुताबिक यह एक पेंटेट युक्त लीक प्रूफ सिस्टम है। इसके ज्वाइंटिंग मैकेनिज्म के लिए भी इसे सर्टिफिकेशन मिला है। यह ऐसी छत है कि जिसे ए फायर रेटिंग मिली हुई है। डिजाइन ऐसा है कि यह 150 किलोमीटर की गति से बहने वाली हवा को भी सह सकती है। इस तरह से यह तूफान रोधी है। एटीयूएम ग्रीन प्रो सर्टिफाइड मैटेरियल का इस्तेमाल करती है, जो इसे काफी टिकाऊ, भरोसेमंद और सुरक्षित सोलर बना देती है।

मील के पत्थर की तरह इस सफलता के बारे में बताते हुए विसाका इंडस्ट्रीज के संयुक्त प्रबंधक निदेशक वामसी गद्दाम ने कहा "एटीयूएम बिजली पैदा करने वाली दुनिया की पहली सोलर छत है। भारत में इसका काफी इस्तेमाल हो रहा है। भारत के बाहर खोर फक्कन कोर्निश में पहली बार एटीयूएम स्थापित की गई है। आज हमें इस बात पर काफी गर्व महसूस हो रहा है कि हमारे पास वास्तव में एक 'मेक इन इंडिया' प्रोडक्ट है। एक ऐसा प्रोडक्ट जो देश के बाहर भी इस्तेमाल हो रहा है। शरजाह में एटीयूएम स्थापित होने से इनोवेशन और टिकाऊ हरित टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करने की हमारी दृष्टि और मजबूत हुई है। "

परंपरागत सोलर छतें 15 साल तक चलती हैं लेकिन एटीयूएम 30 साल तक चलती है। चेन्नई (तमिलनाडु) , मुंबई ( महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) समेत देश के कई जगहों में एटीयूएम सफलतापूर्वक स्थापित की जा चुकी हैं।

Shiv Kumar Mishra
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