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योगी सरकार का 5.5 लाख करोड़ रुपए ऐतिहासिक बजट, जानिए किसको कितना मिला

यह बजट उत्तर प्रदेश सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। यह प्रदेश की योगी सरकार का पांचवां बजट है।

योगी सरकार का 5.5 लाख करोड़ रुपए ऐतिहासिक बजट, जानिए किसको कितना मिला
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यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार (22 फरवरी) को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए विधानसभा में 55,0270 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने टैबलेट के जरिए 55,0270 करोड़ रुपए का पेपरलेस का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

यह बजट उत्तर प्रदेश सरकार का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। यह प्रदेश की योगी सरकार का पांचवां बजट है। इस बजट में 27,598.40 करोड़ रुपए की नई योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है। सभी सदस्यों को भी टैबलेट पर बजट दस्तावेज उपलब्ध कराया गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 का बजट प्रदेश के समग्र एवं समावेशी विकास द्वारा विभिन्न वर्गों का स्वावलंबन कर उनके सशक्तिकरण को समर्पित है। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए किसानों को उन्नत तकनीक का प्रशिक्षण एवं मुफ्त पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण कार्यक्रमों से उन्हें सशक्त किया गया है।

सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सुनिश्चित कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गन्ना किसानों को 12,3000 करोड़ रुपए से ज्यादा के रिकॉर्ड गन्ना मूल्य का भुगतान कराया है। सरकार ने किसानों के लिए 15,000 सोलर पंप की स्थापना का लक्ष्य तय किया है।



योगी सरकार के बजट 2021-22 में किसको कितना मिला

यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट

गन्ना बकाये के भुगतान के लिए 1.23 लाख करोड़ रुपए।

यूपी के 30 जिलों में मेडिकल कॉलेजों के लिए 950 करोड़ रुपए।

कानपुर मेट्रो के लिए 597 करोड़ रुपए।

गोरखपुर और वाराणसी मेट्रो के लिए 100 करोड़ रुपए।

गंगा एक्सप्रेसवे के लिए 7200 करोड़ रुपए।

कोरोना टीकाकरण के लिए 50 करोड़ रुपए।

बुंदेलखंड के लिए 100 करोड़ रुपए का पैकेज।

पीएम ग्रामीण सड़क योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपए।

पीडब्ल्यूडी सड़कों और पुलों के लिए 12441 करोड़ रुपए।

आयुष्मान भारत योजना के लिए 1300 करोड़ रुपए।

स्वच्छ भारत मिशन के लिए 1400 करोड़ रुपए।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे 860 करोड़ रुपए।

स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए 175 करोड़ रुपए।

रेलवे ओवर ब्रिज के लिए 1192 करोड़ रुपए।

अयोध्या एयरपोर्ट के लिए 101 करोड़ रुपए।

अयोध्या और वाराणसी में पर्यटन के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए।

मध्याह्न भोजन योजना के लिए 3406 करोड़ रुपए।

स्कूल बैग के लिए 110 करोड़ रुपए।

जेवर एक्सप्रेसवे के विकास के लिए 2000 करोड़ रुपए।

ODOP (एक जिला एक उत्पाद) योजना के लिए 250 करोड़ रुपए।

वृक्षारोपण अभियान के लिए 600 करोड़ रुपए।

कन्या सुमंगला योजना के लिए 1200 करोड़ रुपए।

निर्भया योजना के तहत 50 हजार गुलाबी बसें।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अयोध्या में निर्माणाधीन एयरपोर्ट का नाम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के नाम पर रखा जाएगा। इसके लिए 101 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री के इस कथन का सदन के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया और सदन में 'जय श्री राम' के नारे भी लगाए गए। वित्त मंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए व्यापक कार्य किए गए हैं। सरकार ने निर्णय लिया है कि हर अपराधी सलाखों के पीछे होगा।

विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने कार्यवाही एक घंटे के लिए रोक कर बजट पर चर्चा की बात कही।




Shiv Kumar Mishra
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