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पटियाला हिंसा: मास्टरमाइंड बरजिंदर सिंह परवाना गिरफ्तार, आईजी बोले- किसी को नहीं बख्शेंगे

पटियाला हिंसा: मास्टरमाइंड बरजिंदर सिंह परवाना गिरफ्तार, आईजी बोले- किसी को नहीं बख्शेंगे
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पटियाला हिंसा के मुख्य आरोपी बरजिंदर परवाना को पुलिस ने मोहाली से हिरासत में ले लिया है। खबर है कि आरोपी विस्तारा फ्लाइट के जरिए मुंबई से सुबह 7.20 बजे मोहाली पहुंचा था। यहां CIA की टीम ने एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार कर लिया। आईजी एमएस छीना ने कहा कि अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीएम ने असामाजिक और राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा लेकिन इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा और हम उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेंगे।

शुक्रवार को पटियाला में खालिस्तान विरोधी रैली के दौरान दो समूहों के बीच झड़प हो गई थी। उस दौरान करीब 4 लोग घायल हो गए थे। खबर है कि परवाना सिख समूह दमदमी टकसाल राजपुरा का प्रमुख है। इससे पहले भी उसपर सोशल मीडिया के जरिए उग्रवाद भड़काने के आरोप लग चुके हैं। साथ ही वह UAPA और सन 1984 के दंगों को लेकर भी अपने बयानों के चलते चर्चा में रहा था।

इंटरनेट सेवाएं फिर शुरू

पटियाला हिंसा मामले में अब तक 6 FIR दर्ज हो चुकी हैं। शनिवार को IG एमएस चीना ने यह जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था, 'कल पटियाला में कानून-व्यवस्था का मुद्दा खड़ा हो गया था। जिसके संबंध में पुलिस ने 6 FIR दर्ज की हैं और हरीष सिंगला समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।' उन्होंने संभावना जताई थी कि मास्टरमाइंड परवाना को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि हरीष सिंगला, कुलदीप सिंह औऱ दलजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पटियाला उपायुक्त साक्षी साहनी ने कहा कि हिंसा के बाद लगाया गया कर्फ्यू हटा लिया गया है और अस्थाई रूप से बंद इंटरनेट सेवाओं को 4 बजे से दोबारा शुरू कर दिया गया है। पटियाला SSP दीपक पारेख ने बताया था कि शांति समिति की बैठक हुई लोग शांति चाहते हैं।

इसलिए हुआ टकराव

आतंकी संगठन सिख्स फार जस्टिस (एसएफजे) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो संदेश के जरिये 29 अप्रैल (शुक्रवार) को खालिस्तान के समर्थन में एक मार्च की अपील की थी। इसके विरोध में शिवसेना बाल ठाकरे के प्रदेश उपाध्यक्ष हरीश सिंगला ने 'खालिस्तान मुर्दाबाद मार्च' की घोषणा कर दी। मार्च के बाद खालिस्तान का पुतला जलाने का कार्यक्रम भी था। जब यह मार्च निकाला जा रहा था, तो खालिस्तान समर्थक संगठनों ने भी मार्च शुरू कर दिया। श्री काली माता मंदिर के बाहर दोनों संगठनों में टकराव हो गया।

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