
- Home
- /
- Top Stories
- /
- नीतीश कुमार के साथ आए...

पटना।भारतीय जनता पार्टी के नेता और बिहार सरकार में मंत्री सम्राट चौधरी के भाई रोहित चौधरी जद यू में शामिल हो गए हैं। बिहार के दिग्गज राजनेता शकुनी चौधरी के पुत्र रोहित चौधरी ने मंगलवार को पार्टी के कार्यालय में आयोजित एक मिलन समारोह में जदयू की सदस्यता ग्रहण कर ली।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पार्टी का अंग वस्त्र पहनाकर स्वागत किया। रोहित चौधरी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने में जनता दल यूनाइटेड शामिल कराया है। जनता दल यूनाइटेड में शामिल होने के बाद रोहित चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के प्रति आस्था को मन में रखकर मैं जदयू शामिल हुआ हूं। जनता दल यूनाइटेड से मेरा पुराना नाता रहा है और मैं समता पार्टी का भी सदस्य रहा हूं।
इस घटना को मुंगेर जिले के तारापुर सीट के लिए होने वाले उपचुनाव से पहले इसे बिहार की राजनीति में एक बड़ा डेवलपमेंट के तौर पर देखा जा रहा है। उपचुनाव को देखते हुए जेडीयू कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था। रोहित के भाई बिहार में बीजेपी के बड़े नेता हैं साथ ही नीतीश सरकार के मंत्री भी हैं।
मुख्यमंत्री तथा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के साथ रोहित चौधरी
तारापुर के दिग्गज नेता शकुनी चौधरी के बड़े पुत्र हैं रोहित चौधरी। शकुनी चौधरी बड़े नेता हैं। उन्होंने साल 1980 से 2005 तक लगातार तारापुर विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया है।उनके तीन बेटे हैं- बड़े बेटे रोहित चौधरी, दूसरे सम्राट चौधरी, तीसरे धर्मेन्द्र चौधरी। रोहित चौधरी शुरू से सामाजिक कार्य में संलिप्त रहे है।
रोहित ने एक बार खगड़िया जिला से जीतन राम मांझी की पार्टी हम की टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा था। जद यू ने रोहित की एंट्री कराकर बड़ा दांव खेला है। रोहित और सम्राट के पिता शकुनी चौधरी की तारापुर में गहरी पकड़ है और उनकी मर्जी से कुशवाहा वोटर अपना मिजाज बदलते हैं। माना जाता है कि दिवंगत मेवालाल चौधरी को तारापुर से विधायक बनाने में चौधरी परिवार का बड़ा योगदान था। जाहिर है उपचुनाव को देखते हुए जदयू कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। ऐसे में तारापुर के चुनावी रण में यादव और कुशवाहा में मुख्य लड़ाई रहती है और शकुनी का परिवार कुशवाहा वोटरों में अच्छी पकड़ रखता है। यही वजह है कि चुनाव की घोषणा से पहले ही राजद और जदयू दोनों की निगाहें शकुनी चौधरी पर थी। उपचुनाव से पहले यह भी चर्चा थी कि रोहित राजद से टिकट चाहते थे, लेकिन सम्राट चौधरी को देखते हुए उन्होंने अपना मन बदल लिया।