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SC-ST एक्ट का विरोध कर रहे कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर आगरा में गिरफ्तार, फिर हुए रिहा

देवकीनंदन एक कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु हैं. SC-ST एक्ट के खिलाफ मुहिम चलाने के लिए 'अखंड इंडिया मिशन' नाम का एक दल भी बनाया गया है.

 Arun Mishra |  2018-09-11 13:27:56.0  |  दिल्ली

SC-ST एक्ट का विरोध कर रहे कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर आगरा में गिरफ्तार, फिर हुए रिहा

आगरा : एससी एसटी एक्ट का विरोध कर रहे कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर को आगरा में पुलिस गिरफ्तार कर लिया. देवकीनंदन आगरा में विरोध प्रदर्शन की जिद कर रहे थे. जबकि वहां जिला प्रशासन ने धारा 144 लगा रखी है. हालांकि बाद में उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया.

देवकीनंदन ठाकुर एससी एसटी एक्ट संशोधन के विरोध को लेकर आजकल काफी चर्चा में हैं. इसी बात का विरोध करने के लिए वो आगरा में प्रदर्शन करना चाहते थे. लेकिन पुलिस ने धारा 144 का हवाला देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

देवकीनंदन एक कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु हैं. SC-ST एक्ट के खिलाफ मुहिम चलाने के लिए 'अखंड इंडिया मिशन' नाम का एक दल भी बनाया गया है. इस दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष देवकीनंदन ठाकुर को बनाया गया है.



एससी-एसटी एक्ट में किए गए बदलाव को समाज बांटने वाला बताते हुए भागवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार अगले दो महीने में इस एक्ट को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार रूप में बदल दे. यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम सब मिलकर देश को जातिगत राजनीति वाले दलों से स्थाई समाधान देंगे.

कौन है देवकीनंदन ठाकुर?

देवकीनंदन ठाकुर का जन्म 12 सितंबर 1978 को उत्तर प्रदेश के मथुरा में हुआ था. वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा के ओहावा गांव के एक ब्राह्मण परिवार से हैं. उनकी मां श्रीमद्भागवतगीता महापुराण में काफी विश्वास रखती थीं. उनके अलावा उनके 4 भाई और दो बहनें भी हैं.

6 साल की उम्र में वह घर छोड़कर वृंदावन पहुंचे और ब्रज के रासलीला संस्थान में हिस्सा लिया. यहां उन्होंने भगवान कृष्ण और भगवान राम की भूमिकाएं निभाईं. श्रीकृष्ण (ठाकुरजी) की भूमिका निभाने की वजह से घर में उन्हें 'ठाकुरजी' कहा जाने लगा.

कहा जाता है कि 13 साल की उम्र में उन्होंने श्रीमद्भागवतपुराण कंठस्थ कर लिया. उन्होंने निंबार्क संप्रदाय के अनुयायी के रूप में गुरु-शिष्य की परंपरा के तौर पर दीक्षा ली.

18 साल की उम्र में दिल्ली के शाहदरा में श्रीराममंदिर में श्रीमदभागवत महापुराण के उपदेश लोगों को दिए. इसके बाद उन्होंने कई जगहों पर श्रीकृष्ण और राम कथा का वाचन किया और उनके फॉलोअर्स की संख्या बढ़ने लगी. बता दें कि ट्विटर पर उनके 3 लाख 27 हजार फॉलोअर्स जबकि फेसबुक पर 25 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.

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Arun Mishra

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