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मैनपुरी के गढ़ को बचाने के लिए अखिलेश ने बनाई रणनीति, डिंपल के साथ चाचा शिवपाल यादव के पहुंचे घर
सपा संस्थापक मुलायम सिंह के निधन के बाद खाली हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर होने वाले उप- चुनाव में सरगर्मी बढ़ गई है. नेताजी मुलायम सिंह यादव की विरासत को बचाने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ ही यादव कुनबा पूरी ताकत के साथ जुटा है. शिवपाल यादव की भूमिका को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है. ऐसे में शिवपाल-अखिलेश के बीच का विवाद खत्म होता नजर आ रहा है.
दरअसल, आज शिवपाल यादव से मिलने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उनके सैफई स्थित आवास पर पहुंचे. इस दौरान सपा प्रत्याशी डिंपल यादव भी मौजूद रहीं. इससे पहले अखिलेश यादव ने सपा की स्टार प्रचारक सूची में शिवपाल यादव का नाम शामिल कर रिश्ते सुधारने की शुरूआत की थी.
नेता जी और घर के बड़ों के साथ-साथ मैनपुरी की जनता का भी आशीर्वाद साथ है! pic.twitter.com/vBcGiaMn1z
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) November 17, 2022
शिवपाल यादव को जब अखिलेश ने समाजवादी पार्टी से स्टार प्रचारक घोषित किया, तो उन्होंने भी हामी भर दी। इसके बाद इटावा के सैफई में बुधवार को शिवपाल सिंह की कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग हुई। बैठक संपन्न होने के बाद पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि शिवपाल सिंह यादव ने डिंपल का समर्थन करते हुए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से कहा कि, बहू डिंपल के लिए वोट करो, वो हमारी बहू है उसके लिए लगना है।
अखिलेश यादव और शिवपाल यादव की आपसी अनबन काफी पुरानी है. लेकिन मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद माना जा रहा था कि चाचा-भतीजे सारी अदावत को भुलाकर एक साथ आ जाएंगे. मुलायम सिंह के अंतिम संस्कार से लेकर अस्थि कलश विसर्जन और शांति पाठ तक शिवपाल यादव-अखिलेश यादव के बीच प्यार दिखा था, जिसके बाद कयास लग रहे थे कि चाचा-भतीजे के बीच तल्खियां मिट गई हैं और मुलायम कुनबा फिर से एकजुट है. लेकिन डिंपल यादव के मैनपुरी में उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते वक्त न तो शिवपाल यादव दिखे थे और न ही उनके बेटे आदित्य यादव.
इसके बाद से शिवपाल की नाराजगी के कयास लगाए जा रहे थे. हालांकि, रामगोपाल यादव ने यह बात जरूर कही है कि शिवपाल यादव से पूछकर ही डिंपल यादव को उम्मीदवार बनाया गया है. अखिलेश यादव भी शिवपाल सिंह के न आने के सवाल पर बचते नजर आए. उन्होंने कहा था कि मुलायम परिवार में सब ठीक है और चुनाव प्रचार में सब लोग नजर आएंगे.
उधर पुराने समाजवादी नेता रघुराज सिंह शाक्य को उतारकर बीजेपी ने डिंपल के सामने कड़ी चुनौती पेश की है. इतना ही नहीं मैनपुरी फतेह करने के लिए बीजेपी ने मंत्रियों को ड्यूटी भी लगा दी है. बीजेपी ने जीत के लिए मंत्रियों की फ़ौज मैदान में उतार दी है. मंत्री अजीत पाल, राकेश सचान, असीम अरुण, प्रतिभा शुक्ला, जयवीर सिंह और संदीप सिंह को मैनपुरी में चुनावी प्रचार अभियान की कमान सौंपी गई है. वहीं कपिल देव अग्रवाल, नरेंद्र कश्यप, जसवंत, दिनेश खटीक और गुलाब देवी को खतौली विधानसभा उपचुनाव की जिम्मेदारी दी गई है. बलदेव औलख, जितिन प्रसाद, सुरेश खन्ना, धर्मपाल सिंह को रामपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है.