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इलाहाबाद के खुल्दाबाद में भगवान राम की मूर्ति तोड़े जाने के बाद तनाव

इलाहाबाद के खुल्दाबाद में भगवान राम की मूर्ति तोड़े जाने के बाद तनाव
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शशांक मिश्र

इलाहाबाद के खुलदाबाद थाने के अंतर्गत खुल्दाबाद फाटक के पास स्थित मंदिर में भगवान राम की मूर्ति तोड़े जाने पर लोगों मे आक्रोश व्याप्त है. नाराज लोगो ने चक्का जाम किया. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने नाराज लोगो को समझाबुझाकर मामले को शांत कराया. वही मूर्ति तोड़े जाने को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं के बाजार गर्म है.




खुल्दाबाद गेट के पास ही एक मंदिर है, जिसमें कुछ प्रतिमाएं रखी गई हैं। रविवार सुबह मोहल्ले के लोग मंदिर की तरफ गए तो यहां एक प्रतिमा खंडित देखकर वह स्तब्ध रह गए। नाराज लोगों ने सुबह 11 बजे के करीब गेट के पास ही रास्ता जाम कर दिया। सूचना मिलने पर एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी शिवराज और एसडीएम के अलावा स्थानीय थाने की फोर्स लेकर इंस्पेक्टर रोशनलाल भी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने आशंका जताई कि रात में एडीए की ओर से अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान ही प्रतिमा खंडित हुई।


अफसरों ने बहुत समझाया लेकिन लोग जाम खत्म करने को राजी नहीं हुए। चार घंटे बाद अफसरों ने दोबारा प्रतिमा स्थापित कराने का आश्वासन दिया। साथ ही नई प्रतिमा मंगवाकर धार्मिक स्थल में स्थापित कराई तब जाकर लोग शांत हुए। तब करीब चार घंटे बाद जाकर यातायात बहाल हुआ। प्रदर्शन के दौरान पूर्व पार्षद वीरेंद्र सोनकर, गीता विश्वकर्मा, देवेंद्र, अभिषेक, कृष्णा, आनंद, नवीन समेत अन्य लोग मौजूद रहे। एएसपी शिवराज ने बताया कि स्थानीय लोगों की तहरीर पर एडीए कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच की जा रही है।


स्थानीय लोगों ने बताया कि एक महीने पहले इसी धार्मिक स्थल में लगी रेलिंग एडीए की ओर से हटवा दी गई थी। इसके बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होने लगे थे। इस बारे में अफसरों से शिकायत भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि उक्त रोड का चौड़ीकरण होना है। इसी के तहत अतिक्रमण हटाने की संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों ने शक जताया है कि भोर में हुई घटना एडीए कर्मचारियों ने की।


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