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अमरोहा के समाज सेवी सचिन चौधरी ने साधा भाजपा सरकार पर निशाना

 Special Coverage News |  16 Nov 2018 6:13 AM GMT  |  अमरोहा

अमरोहा: समाजसेवी सचिन चौधरी जो एक लंबे समय से अमरोहा लोकसभा क्षेत्र में काम करते हुए अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं, उन्होंने एक बयान देते हुए भाजपा और प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के अनुसार हाल ही में मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर कर दिया गया था उसके बाद इलाहाबाद का नाम भी बदलकर प्रयागराज कर दिया गया।

इसी मुद्दे पर मीडिया वालों को संबोधित करते हुए समाजसेवी सचिन चौधरी ने बयान दिया है कि भाजपा को अगर सभी मुस्लिमों से जुड़े सभी नाम ही बदलने हैं, तो उन्हें इसकी शुरुआत अपने दामादों शहनवाज़ हुसैन और मुख़्तार अब्बास नक़वी के नाम बदलने से करनी चाहिए। लालकिला और ताजमहल का भी नाम बदल दें। योगी सरकार द्वारा इलाहाबाद और फैज़ाबाद के नाम बदलने को समाजसेवी सचिन चौधरी ने असली मुद्दों से भटकाने की कार्यवाही बताया है। सचिन चौधरी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं इसलिए उन्हें इस तरह मन में विशेष समुदाय के लिए नफरत नहीं रखनी चाहिए।

सचिन चौधरी ने कहां है कि एक तरफ तो भाजपा सबका साथ और सबका विकास का नारा देती है, तो दूसरी तरफ एक विशेष समुदाय के इतिहास से जुड़े स्थानों का नाम बदल रही है। अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मन में मुस्लिमों के लिए इतनी ही नफरत है तो वे अपने नारे सबका साथ सबका विकास का नाम बदलकर कुछ और कर लें। जाती पाती और धर्म के नाम पर प्रदेश और देश में नफरत फैलाने की नीति से भाजपा को बाज़ आना चाहिए। हमें अगर देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है, तो हमें सभी को साथ लेकर चलना होगा। किसी विशेष समुदाय के लिए मन में नफरत रखकर हम देश का विकास नहीं कर सकते हैं।

भारत की भूमि विविधताओं की भूमि है। यहां पर हर रंग, मजहब, जाति, समुदाय और पंथ को मानने वाले लोग एकसाथ एक सांस्कृतिक विरासत के साथ रहते हैं। विचारों की सहमति और असहमति हो सकती है लेकिन हमारी विरासत राष्ट्र की धरोहर है, जिसे स्वीकार करते हुए हमें उसका सम्मान करना चाहिए, ना कि उसमें परिवर्तन करके सामाजिक विभेद पैदा करना चाहिए। सचिन चौधरी ने बताया कि वह कई महीनों से अमरोहा की जनता के बीच में उनकी समस्याओं को जानने और उनके समाधान ढूंढने के कार्य में लगे हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार को लोगों के इन मुद्दों पर काम करना चाहिए न कि धर्म की राजनीति को आधार बनाकर देश का आर्थिक और सामाजिक नुकसान करना चाहिए। जो करोड़ों रुपए नाम बदलने की प्रक्रिया में खर्च होंगे, उन से लोगों की समस्याओं का हल निकाला जा सकता था।

समाजसेवी सचिन चौधरी ने बताया कि उन्होंने हस्ताक्षर अभियान के दौरान अमरोहा लोकसभा के लोगों की समस्याएं लिखकर और उन पर लोगों के हस्ताक्षर ले कर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा था जिसका न तो अभी तक प्रत्युत्तर मिला है और ना ही उस पर कार्य करने के लिए सरकार की कोई इच्छा शक्ति दिखाई पड़ती है सरकार केवल नाम बदलने के काम में ही लगी हुई है।

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