Top
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > आजमगढ़ > डॉ कुमार विश्वास के नाम पर बेच दिए लाखों के फर्जी टिकिट, तब कुमार बोले ये बोले यहाँ भी फर्जी ?

डॉ कुमार विश्वास के नाम पर बेच दिए लाखों के फर्जी टिकिट, तब कुमार बोले ये बोले यहाँ भी फर्जी ?

 Special Coverage News |  28 Nov 2019 7:23 AM GMT  |  आज़मगढ़

डॉ कुमार विश्वास के नाम पर बेच दिए लाखों के फर्जी टिकिट, तब कुमार बोले ये बोले यहाँ भी फर्जी ?

आजमगढ़. आजमगढ़ जिले में कवि कुमार विश्वास के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है, जहां इवेंट बुक कराने के नाम पर आयोजक लाखों रुपये का टिकट बेचकर फरार हो गए. मामला प्रकाश में आने के बाद कुमार विश्वास ने फेसबुक पर इस घटना को लेकर हैरानी जताई है. उन्होंने अपने शुभचिंतकों से कहा, 'प्रिय दोस्तों, अनेक सूचना मिली है कि कल आजमगढ़ में मेरा कार्यक्रम है, जबकि मुझे खुद इसकी सूचना तक नहीं है.'

कुमार विश्वास ने कहा कि ये वाला तो फिर भी फ़रार हो गया, हमारे नाम पर तो कई बौने लोग टिकट बेच-बेचकर बड़े हो गए.

कुमार विश्वास कहते हैं कि इस मामले में दोबारा स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मेरे कार्यक्रम बुक करने के लिए जो विश्वस्त संपर्क सूत्र हैं, वह मेरे वेरिफाइड फेसबुक पेज Dr. Kumar Vishwas और मेरे ऑफिशियल वेबसाइट (www.kumarvishwas.com) पर दिया गया नंबर और उसके साथ दी गई ईमेल आईडी है. पूर्व में भी कुछ लोगों ने मेरे इवेंट बुक करने के नाम पर ठगी का प्रयास किया था. पिछले दिनों उनमें से एक अपराधी को वाराणसी पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार भी किया था. अब यह नया मामला सामने आया है.




कानूनी कार्रवाई शुरू

कुमार विश्‍वास ने बताया कि एक कंपनी की महिला ने उनके नाम पर 28 नवंबर को आजमगढ़ में इवेंट बुक होने की बात कही, जबकि मेरे कार्यालय से ऐसी किसी बुकिंग के लिए संपर्क नहीं किया गया है. पता करवाने पर कंपनी ने यह पत्र दिखाया, जो कि पूर्ण रूप से झूठा है. चूंकि इसमें हस्ताक्षर भी फ्राड किया गया है. अत: मेरी लीगल टीम ने कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. फोन पर संपर्क करने वाली महिला जल्दी ही कानून के शिकंजे में होगी.




कुमार विश्‍वास ने कही यह बात

कवि विश्‍वास ने कहा कि ऐसे लोगों को इतना भी ध्यान नहीं रहा कि कोई भी परफॉर्मर अपने या अपनी कंपनी के लेटर हेड पर स्वीकृति देता है न कि इवेंट आर्गेनाइजर के लेटर हेड पर. इनके लेटर हेड पर वेबसाइट दी गई है, वह किसी अन्य कंपनी की है. जिस हस्ताक्षर की नकल करने का प्रयास किया गया है, वह मेरे आटोग्राफ हैं न कि मेरे लीगल हस्ताक्षर. इन सब से अलग और इस क्रम में सबसे अहम बात यह है कि मेरे किसी भी कार्यक्रम की बुकिंग मेरे द्वारा की ही नहीं जाती. मेरी सारी बुकिंग कंपनी करती है, जिसके संपर्क सूत्र मेरे आफिशियल फेसबुक (वेरिफाइड) पेज और मेरे आफिसियल वेबसाइट पर है.

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it