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मुन्ना बजरंगी की हत्या: चौदह घंटे की सघन तलाशी के बाद पिस्टल बरामद, इतने जिन्दा कारतूस और मिले!

 शिव कुमार मिश्र |  9 July 2018 5:28 PM GMT  |  दिल्ली

मुन्ना बजरंगी की हत्या: चौदह घंटे की सघन तलाशी के बाद पिस्टल बरामद, इतने जिन्दा कारतूस और मिले!

उत्तर प्रदेश के माफिया मुन्ना बजरंगी की सोमवार को यूपी के बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस हत्‍या के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. 14 घंटे की सघन तलाशी के बाद पुलिस को हत्‍या में इस्‍तेमाल पिस्‍टल बरामद हो गई है. पुलिस को पिस्‍टल के साथ ही 10 खोखे, 22 जिंदा कारतूस और दो मैग्‍जीन भी मिली है. बताया जाता है कि हत्‍या के बाद ये पिस्‍टल और कारतूस गटर में फेंक दिया गया था.

गौरतलब है कि सोमवार को मुन्‍ना बजरंगी की पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में पेशी होनी थी. उसे रविवार को झांसी से बागपत लाया गया था. पेशी से पहले ही जेल में उसे गोली मार दी गई.
मुन्ना बजरंगी की हत्या पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. योगी ने कहा, 'जेल में हुई हत्या बहुत गंभीर मामला है. मामले की गहराई से जांच होगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.' एडीजी जेल चंद्र प्रकाश ने कहा कि सुबह 6 बजे बागपत जेल के अंदर झगड़े के दौरान मुन्ना बजरंगी को गोली मारी गई. गोली सुनील राठी ने मारी है. इसके बाद उसने हथियार को गटर में फेंक दिया.
एडीजी जेल ने कहा कि ये घटना जेल की सुरक्षा में गंभीर चूक है. मामले में जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, हेड वार्डन अरजिन्दर सिंह, वार्डन माधव कुमार को निलंबित कर दिया गया है. पूरी घटना की न्यायिक जांच होगी.
बता दें मुन्ना बजरंगी पर 40 हत्याओं, लूट, रंगदारी की घटनाओं में शामिल होने का केस दर्ज है. मुन्ना बजरंगी पूरे यूपी की पुलिस और एसटीएफ के लिए सिरदर्द बना हुआ था. वह लखनऊ, कानपुर और मुंबई में क्राइम करता था. सरकारी ठेकेदारों से रंगदारी और हफ्ता वसूलने का भी आरोप था.

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