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बलिया में पत्रकार की हत्या, चार गिरफ्तार, पिता के बयान से पुलिस हैरान

, "राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम और गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई भी चार आरोपियों के खिलाफ की जाएगी।"

 Shiv Kumar Mishra |  25 Aug 2020 2:44 AM GMT  |  बलिया

बलिया में पत्रकार की हत्या, चार गिरफ्तार, पिता के बयान से पुलिस हैरान
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।बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सोमवार रात एक हिंदी समाचार चैनल के साथ काम करने वाले पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसकी पहचान रतन सिंह (45) के रूप में हुई है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने कहा, "एक हिंदी समाचार चैनल के साथ काम करने वाले पत्रकार की सोमवार रात फेफना में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसकी पहचान रतन सिंह (45) के रूप में हुई है।"

अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने कहा कि इस सिलसिले में चार लोगों दिनेश सिंह, अरविंद सिंह, सुनील सिंह और मोती सिंह को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, पत्रकार अपने पड़ोसी दिनेश सिंह के साथ एक संपत्ति विवाद में शामिल था।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि रतन का अपने पड़ोसी के साथ एक संपत्ति को लेकर विवाद था। सोमवार शाम को दोनों पक्षों के बीच झगड़ा हुआ और पड़ोसी ने उस पर गोली चला दी। अभियुक्त दिनेश सिंह के केस में पहले रतन सिंह भी आरोपी है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संपत्ति विवाद के मामले में 2019 में दोनों पक्षों के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि रतन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में उनका नाम हटा दिया गया।

सोमवार की घटना के बारे में बात करते हुए, कुमार ने कहा कि रतन की हत्या के पीछे का कारण संपत्ति विवाद था और पत्रकार के काम से संबंधित नहीं था। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम और गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई भी चार आरोपियों के खिलाफ की जाएगी।"

वहीँ पत्रकार के पिता ने कहा है कि मेरा आरोपियों से जमीन का कोई विवाद नहीं था। इससे पुलिस का झूठ बेनकाब होता नजर आ रहा है। पीड़ित पिता ने पुलिस के झूठ का पर्दाफाश किया है।मृतक पत्रकार के पिता ने अपने बयान में कहा है कि पुलिस एकदम झूठी कहानी बना रही है। मेरा कोई जमीनी विवाद नहीं था। पुआल,भूसी का भी कोई मामला नहीं था। थाने से दस कदम दूरी पर मेरे बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। पीड़ित पिता के बयान से साफ पत्रकार की जघन्य हत्या को पारिवारिक रंजिश बताने की घिनौनी साज़िश रची गयी।

अब देखना यह है कि जब किसी केस को पुलिस नहीं समझ पाती है तो प्रोपर्टी से समबंध बताकर अपनी झंझट काटने का काम करती है। अभी पिछले महीने ही गाजियाबाद पत्रकार विक्रम जोशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

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