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बाराबंकी: एक धमाका और कमरे में लगी आग, बुजुर्ग की जलकर मौत

बाराबंकी: एक धमाका और कमरे में लगी आग, बुजुर्ग की जलकर मौत
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रात में एक बजे हुई वारदात,परिवार सदमे में पड़ोसियों ने बुझाई आग।

बाराबंकी

सर्दी में कांपती रात का लगभग एक बजे का वक्त अचानक एक धमाका और फिर आग की लपटें पूरा कमरार् घुएं से भर गया। इसी दहकते कमरे में 70 साल बुजुर्ग की झुलस कर मौत हो गई। रात में ही जागे पड़ोसियों ने मिलकर किसी तरह कमरे से उठ रही लपटों को बुझाया लेकिन तब तक कमरे में रखा सोफा नगदी जेवर व अन्य गृहस्थी का सामान खाक हो चुका था। घर के मुखिया की इस दर्दनाक मौत पर पूरा परिवार बिलख पड़ा।

बता दें कि कोतवाली शहर के मोहल्ला पीरबटावन में बावली वाले रास्ते पर जयप्रकाश रस्तोगी जग्गू का मकान है। जिंदगी का एक हिस्सा हरिद्वार में बिताने के बाद वो यहां अपने पैतृक मकान में अपने बेटे नितिन रस्तोगी के साथ रह रहे थे। बीती रात पड़ोस में ही रहने वाले कैलाश रस्तोगी की बेटी वंदना ने एक धमाके की आवाज सुनी। रात का एक बजे का वक्त था। हर तरफ खामोशी छाई थी उसे धमाका थोड़ा अजीब लगा तो उसने अपने पिता को बताया पिता ने बाहर झांक कर देखा तो जग्गू के कमरे से आग की लपटें उठ रही थी। ये देख वो घबरा गए। उन्होंने उनके बेटे नितिन को आवाज देकर बाहर बुलाया। बाल्टी से पानी डालना शुरू किया मोहल्ले के अहमद और तमाम लोग भी आ गए सड़क की तरफ खुलने वाली खिड़की से पानी डाला जाने लगा। थोड़ी ही देर में शहर चौकी से पुलिस भी पहुंच गई। फोन कर बिजली की आपूर्ति बंद कराई गई।

कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जग्गू के कमरे का दरवाजा जलते कोयले की तरह दहक रहा था। दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर जग्गू की झुलसी हुई लाश जमीन पर पड़ी थी। कमरे में बिजली के तार जलकर नीचे लटक रहे थे। सोफा कपड़े वाशिंग मशीन जलकर राख हो गया था। छत पर लटके पंखे के पर अस्त व्यस्त थे। दरवाजे के पास रखी अलमारी के भीतर आग की आंच ने सब कुछ जला दिया। कमरे में रखा लकड़ी का तख़्त ही सुरक्षित दिख रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

शार्ट सर्किट से आग की संभावना

कमरे में आग कैसे लगी इसके पीछे पहली वजह शार्ट सर्किट ही माना जा रहा है क्योंकि कमरे में न हीटर जल रहा था न कोई तापने का अन्य सामान था। अनुमान है कि कमरे में लगी एमसीबी में गड़बड़ी के बाद विद्युत तार टूटकर नीचे गिरा जिससे कमरे में करंट फैल गया। जग्गू को पहले करंट का आघात लगा। उसके बाद आग लग गई। धमाका वाशिंग मशीन की मोटर का था। किसी पड़ोसी ने सुना था कि जग्गू ने दम निकलने से पहले शायद अपने बेटे को आवाज भी दी लेकिन वो आवाज बहुत धीमी थी। जग्गू का कमरा घर के बाहरी हिस्से में था इसलिए उसकी आवाज अंदर के कमरों तक नही पहुंच सकी।

11 दिसम्बर को हुई थी बेटे की शादी

मृतक जग्गू का बेटा नितिन इस हादसे से सदमे में है। अभी इसी माह 11 दिसम्बर को लखनऊ से उसका विवाह हुआ था। घर मे खुशियों का माहौल था। शादी का अधिकतर कीमती सामान पिता जग्गू की अलमारी में ही रखा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग 50 हजार की नगदी और सोने चांदी के जेवर भी अलमारी में थे। नितिन खुद व्यापारी है इसलिए उसका भी सामान कमरे में था। कुछ साल पूर्व उसकी मां की मृत्यु भी हो चुकी है। एक बहन ज्योति का विवाह हो चुका है। हादसे की जानकारी पाकर घर मे रिश्तेदार जमा है। तमाम रिश्तेदार अभी शादी में आये थे इस दर्दनाक हादसे में उन्हें फिर आना पड़ेगा किसी को यकीन नही हो रहा था।

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