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बुलंदशहर हिंसा में SIT का गठन, ADG ने बताया बुलंदशहर में क्या हुआ था?

ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर पथराव कर दिया। तीन गांव के करीब 400 लोग वहां मौजूद थे। बवाल के दौरान 15 वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया।

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बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुए बवाल के बाद एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) आनंद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामले की मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को किस चीज से मारा गया, अभी यह सुनिश्चित नहीं हो पाया है। हालांकि उन्होंने सिर में पत्थर लगने की बात भी कही है। आनंद कुमार ने आगे बताया कि स्थानीय निवासी सुमित को किसने गोली मारी, इसकी भी जांच की जा रही है।


एडीजी लॉ ऐंड ऑर्डर ने बताया कि सोमवार सुबह गोवंश के काटे जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। गांव के लोगों ने आक्रोशित होकर रोड जाम कर दिया। महाव और चिगलवाली समेत तीन गांवों के लोग वहां पर मौजूद थे। आनंद कुमार ने कहा, 'लोगों ने शिकायत की थी कि खेत में गोवंश के अवशेष पाए गए थे। उनको कार्रवाई का भरोसा दिया गया था लेकिन गांववाले ट्रैक्टर पर अवशेष लेकर आ गए और मेन रोड ब्लॉक कर दिया। विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और लोगों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर दिया।'


आईजी मेरठ की अध्यक्षता में SIT जांच

उन्होंने आगे बताया, 'गोवंश का मांस मिलने पर गांववाले उत्तेजित हो गए। शुरुआत में पुलिस से बातचीत के दौरान ग्रामीण सहमत हो गए लेकिन बाद में वह फिर से भड़क हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस चौकी पर पथराव कर दिया। तीन गांव के करीब 400 लोग वहां मौजूद थे। बवाल के दौरान 15 वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया। कई गाड़ियों को आग लगा दी गई। हमले में इंस्पेक्टर के सिर पर पत्थर लगा। यह पूरा घटनाक्रम दोपहर 12 बजे का है। पथराव भी हुआ है और आगजनी भी हुई है। गोहत्या के सबूत अभी नहीं मिले हैं। गोकशी का आरोप और हिंसा दोनों की जांच के लिए आईजी रेंज मेरठ की अध्यक्षता में एक एसआईटी गठित की गई है। तीन से चार सदस्य एसआईटी में होंगे।'

'वीडियो के जरिए उपद्रवियों की करेंगे पहचान'

एडीजी ने आगे कहा, 'हिंसा कैसे भड़की, एसआईटी इसकी जांच करेगी। एडीजी इंटेलिजेंस को भी जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच दो अलग-अलग मामलों पर की जाएगी। पहला गोवंश के अवशेष और ग्रामीणों के आक्रोश को लेकर जबकि दूसरा इंस्पेक्टर की मौत को लेकर। इस मामले में कुछ विडियो सामने आए हैं, जिनसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित किया जा रहा है। सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।'

उन्होंने कहा कि बुलंदशहर के स्याना थाने में हुई यह घटना जिस स्थान पर हुई, वह जगह जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर है। इज्तमा का कार्यक्रम चल रहा है। भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है। डीएम ने इस पूरी घटना की मैजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है।



एडीजी ने इंस्पेक्टर सुबोध की मौत के बारे में कहा, 'सुबोध कुमार सिंह को प्रथम दृष्टया किसी पत्थर से चोट की बात सामने आई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चल पाएगा कि उनकी मौत किस वजह से हुई है। डॉक्टरों के मुताबिक, किसी ब्लंट ऑब्जेक्ट (ठोस चीज) से चोट लगने की वजह से काफी खून बहा है। 5 कंपनी आरएएफ की, 6 कंपनियां पीएसी की तैनात की गई है। किसी भी प्रकार का तनाव भड़काने पर उपद्रवियों से सख्ती से निपटा जाएगा। कानून-व्यवस्था से किसी को खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।'

स्थानीय निवासी सुमित की मौत के बारे में एडीजी ने कहा, 'प्रथम दृष्टया सुमित नाम के एक स्थानीय निवासी को गोली लगने की बात सामने आ रही है। उसे मेरठ के अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। गंभीर चोट के चलते इलाज के दौरान सुमित की मौत हो गई। इस बात की जांच की जा रही है कि सुमित को किसने गोली मारी?


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