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यूपी STF की कामयाबी, भाड़े के शूटरों से व्यवसायी की हत्या करने की योजना बना रहे 3 बदमाशों को मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार

यूपी STF की कामयाबी, भाड़े के शूटरों से व्यवसायी की हत्या करने की योजना बना रहे 3 बदमाशों को मुठभेड़ के बाद किया गिरफ्तार
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बुलंदशहर : एसटीएफ उत्तर प्रदेश को थाना खुर्जा, बुलन्दशहर पुलिस के सहयोग से जमीनी विवाद के कारण खुर्जा स्थित पैथोलाजी लैब के स्वामी एवं व्यवसायी की हत्या, भाड़े के शूटरों से कराये जाने की योजना बनाकर घटना को अन्जाम देने की तैयारी कर रहे 03 बदमाशों को साहसिक मुठभेड़ में गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

एसटीएफ, नोएडा को विश्वसनीय श्रोतों से यह सूचना प्राप्त हुई कि जमीनी विवाद के कारण खुर्जा, बुलन्दशहर निवासी सूर्य प्रताप सिंह व उसके भाई हेमन्त द्वारा दिनांक 08-10-2019 को खुर्जा बुलन्दशहर के ही एक व्यवसायी जिसका खुर्जा में एक प्रतिष्ठित पैथोपाली लैब है, की हत्या भाडे़ के हत्यारों से कराये जाने की योजना बनाई गई है तथा सूर्य प्रताप सिंह भाड़े के हत्यारों के साथ खर्जा में नवदुर्गा रोड स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोल पम्प के पास गली के अन्दर स्थित एक मकान में हत्या की घटना में प्रयुक्त होने वाले हथियारों के साथ इकटठा हैं।

इस सूचना पर विश्वास करके एस0टी0एफ0 नोएडा टीम द्वारा थाना खुर्जा, बुलन्दशहर पुलिस को साथ लेकर गन्तव्य स्थान पर पहॅुचकर घेराबन्दी करके बाद मुठभेड़ अपने साहस एवं व्यसायिक दक्षता का परिचय देते हुए अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया जिनसे उपरोक्त बरामदगी हुई।

पूछताछ पर गिरफ्तार अभियुक्त सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि वह बी0काॅम तक शिक्षा प्राप्त किया है तथा उसकी आयु लगभग 28 साल है, वह 2015 से अपराध कर रहा है जिसमें मुख्य लूट और चोरी करना था। वर्ष 2016 में वह थाना सेक्टर-58 नोएडा से लूट के केस में जेल गया था और 5-6 महीने जेल में रहा था। जेल से बाहर निकलने के बाद वह पुनः अपराध करने लगा तथा वर्ष 2019 में थाना खुर्जा, बुलन्दशहर से जेल गया जहाॅ पर उसकी मुलाकात सचिन जाट से हुई। सचिन जाट की आयु लगभग 35 साल है तथा उस पर भी लूट केे कई मुकदमें है। जब सूर्य प्रताप सिंह जेल से बाहर निकला तो उस समय शान्ति देवी निवासी कानपुर से उसका जमीनी विवाद चल रहा था।

शन्ति देवी ने वर्ष 2019 में उस विवादित जमीन की पाॅवर आॅफ एटार्नी खुर्जा निवासी पैथोलाजी लैब स्वामी को कर दी थी, जिसके कारण सूर्य प्रताप सिंह, पैथोलाजी लैब के स्वामी से दुश्मनी मानने लगा था और इसी लिए उसने अपने पूर्व परिचित सचिन जाट को पैथोलाजी लैब के स्वामी को रास्ते से हटाने के लिए 15 लाख रूपये में सुपारी दे दी। सचिन जाट ने इस घटना को करने के लिए अपने एक और साथी राजू पुत्र नवाब सिंह निवासी निठारी थाना कोतवाली देहात जनपद बुलन्दशहर को शामिल कर लिया तथा इस घटना को करने के लिए असलहो की व्यवस्था सूर्य प्रताप सिंह के भाई हेमन्त ने की थी।

इस प्रकार यूपी एसटीएफ की सक्रिया से दशहरा त्यौहार से ठीक पहले खुर्जा, बुलन्दशहर क्षेत्र में एक बड़ी हत्या की घटना को अन्जाम देने से पहले ही अभियुक्तों को दबोच कर रोक दिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की अन्य अपराधिक गतिवधियों के सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है।

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