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सुबोध कुमार के पिता भी हुए थे पुलिस मुठभेड़ में शहीद, देश के लिए बेटे ने भी दे दी कुर्बानी

सुबोध कुमार सिंह राठौर मूल रूप से एटा, गांव तरगवा, थाना जैथरा के रहने वाले थे।

सुबोध कुमार के पिता भी हुए थे पुलिस मुठभेड़ में शहीद, देश के लिए बेटे ने भी दे दी कुर्बानी
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Subodh Kumar Singh
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बुलंदशहर : सुबोध कुमार सिंह राठौर मूल रूप से एटा, गांव तरगवा, थाना जैथरा के रहने वाले थे। उनके पिता राम प्रकाश जी यूपी पुलिस में दरोगा थे। उनके पिता पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से शहीद हुए थे। मृतक आश्रित में सुबोध को पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर नौकरी मिली थी। वह वर्ष 2017 में इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट हुए। अपनी मां के बेहद करीब थे। थानों में तैनाती के दौरान मां उनके साथ ही पुलिस क्वार्टर में रहती थीं। मां का भी स्वर्गवास हो चुका है।

बुलंदशहर की घटना को साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। यह सच वायरल हुए वीडियो में हो रही बात से घर आया है। वीडियो में ऐसे जो का आधा शरीर जमीन पर और पैर की तरफ से पुलिस की सरकारी गाड़ी सूमो में दिख रहा है। दरवाजा खुला हुआ था। वीडियो में एक युवक एसएचओ को देखने के बाद कह रहा है कि यह वही है एसओ है यह वही एसओ है। उसकी बात से साजिश का शक जताया जा रहा है।

बुलंदशहर में गोमांस मिलने की आशंका के बाद हुए उपद्रव के दौरान जान कब आने वाले श्याम कोतवाली के एसएचओ सुबोध कुमार ग्रेटर नोएडा की विशाल कांड की जांच अधिकारी भी थे। इस मामले में गवाह नंबर 7 थे। उनकी इस मामले में गवाही बेहद महत्वपूर्ण थी। ऐसे में केस पर भी असर पड़ सकता है। बुलंदशहर कांड को लेकर वायरल हुए वीडियो में मृत एसएचओ को देखकर कुछ युवक यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं की यह वही एसओ है। ऐसे में बिसाहड़ा कांड से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

बुलंदशहर में हुई हिंसा में चिंगरावटी में रहने वाले सुमित के सीने में गोली लगने से जान गई। सुमित को मेरठ के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सुमित की बहन बबली का कहना है कि भाई परिवार में सबसे छोटा था। हम चार बहने हैं और हमारा एक भाई है। सुमित घर के हर सदस्य के साथ ही पूरे गांव में जरूरतमंदों की मदद करता था। हमारा इकलौता भाई चला गया उसका क्या कसूर था। पीएसी वालों ने उसको गोली मारी है।

इस घटना को गंभीरता से लेते हुए शासन ने पूरे मामले की गोपनीय जांच एडीजी इंटेलिजेंस को सौंपी है। वह 48 घंटे में घटना के कारणों की रिपोर्ट देंगे। वहीं आईजी मेरठ के नेतृत्व में 3 सदस्य एसआईटी गठित की गयी हैं।

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