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देवताओं व साधुओं को जाति में बांटना गलत, वाणी पर नियंत्रण रखने वाले के हाथ मे हो सत्ता की बगडोर : वेदांती

राम विलास वेदांती ने कहा, हनुमान जी राम जी के भक्त थे. भक्त-भक्त एक समान होता है सन्त-सन्त एक समान होता है.

 Special Coverage News |  17 Dec 2018 10:56 AM GMT  |  दिल्ली

देवताओं व साधुओं को जाति में बांटना गलत, वाणी पर नियंत्रण रखने वाले के हाथ मे हो सत्ता की बगडोर : वेदांती
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राम विलास वेदांती

अयोध्या से संदीप श्रीवास्तव की रिपोर्ट

अयोध्या अभी हाल ही में हुए पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार पर पूर्व सांसद व रामजन्मभूमि न्यास के सदस्य एवं विहिप नेता राम विलास वेदांती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ के राजस्थान में प्रचार के दौरान हनुमान जी पर टिप्पणी करने पर कहा कि देवता किसी जाति का नही होता. हनुमान जी राम जी के भक्त थे. भक्त-भक्त एक समान होता है सन्त-सन्त एक समान होता है.

कबीर दास जी ने कहा जाती पति पूछे नही कोई हरी का भजन सो हरी का हाई, हरी का भजन किसी जाति का नही होता है वो भक्त होता है. भक्त की जाती नही होती है इसलिए भक्त व भगवान को जाती में बाँटने का काम नही करना चाहिए था.

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उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि कुछ लोगो ने ऐसे शब्दों का प्रयोग किया. जिससे लोगों को ठेस पहुंची जिसका दुश्परिणाम मंच पे भी दिखाई दिया और मध्यप्रदेश, राजस्थान व छतीसगढ़ में भी दिखाई दिया. उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं की वाणी पर नियन्त्रण करने वाला व्यक्ति को नेतृत्व दिया जाय,वाणी पर कंट्रोल रखने वाला व्यक्ति को सत्ता की बागडोर सौपी जाती निश्चित मोदी व भाजपा को छोड़ जनता किसी और को चुनना नही चाहेगी.

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