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मिसलगढ़ी मामले में फेल हुआ प्रशासन, तहसीलदार के सामने हुई वृद्ध हाजी फ़ारूक़ की पिटाई, एसएसपी ने दिए जांच के निर्देश

मिसलगढ़ी मामले में फेल हुआ प्रशासन, तहसीलदार के सामने हुई वृद्ध हाजी फ़ारूक़ की पिटाई, एसएसपी ने दिए जांच के निर्देश
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शुक्रवार को थाना मसूरी ग़ाज़ियाबाद में हुए ज़मीनी विवाद में फिर स्थानीय पुलिस की कलाबाज़ी सामने आयी है. पुलिस ही नहीं बल्कि तहसीलदार के सामने जिस प्रकार मार पिटाई की गयी उससे तो पूरे ज़िले की कानून व्यवस्था पर धब्बा लगा है. ग़ाज़ियाबाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बहुत मज़बूती के साथ पुलिस के ऊपर नकेल कसने में लगे हुए हैं लेकिन सिपाही और दरोगा सुधरने के नाम नहीं ले रहे हैं.

थाना मसूरी के अंतर्गत पड़ने वाले मिसल गढ़ी इलाक़े में एक अवैध रूप से क़बज़ायी गयी सरकारी ज़मीन की पैमाइश करने पहुंचे तहसीलदार और इस क़ब्ज़े का विरोध कर रहे एक व्यक्ति फारूक पर कब्जा करने वालो ने पथराव किया और फारूक के साथ मार पिटाई भी की. हाजी फारूक एक रिटायर पोस्टमेन हैं.

मामला बहुत पुराना है जिसमे अभी कुछ दिन पहले जिलाधिकारी ने जाँच के आदेश दिए थे. इसी आदेश के चलते कल तहसील दार पैमाइश के लिए पहुँच गए और उन्होंने पुलिस को साथ लेना भी गवारा न समझा. अवैध रूप से क़ब्ज़ा करने वाले लोगो ने जब ये देखा तो वह काफी संख्या में इकट्ठे हो गए और इस क़ब्ज़े के शिकायत करने वाले वृद्ध हाजी फ़ारूक़ के साथ मार पिटाई की जिसमे उनको अच्छी खासी चोटें आई. जबकि तहसीलदार की तरफ से कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गयी है. इसकी वजह साफ़ नहीं हो सकी है. हालाँकि क़ब्ज़ा करने वाले लोगो के खिलाफ पहले ही से ४२० का मुक़दमा पंजीकृत है जिसमे स्थानीय थाना पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है.

उक्त घटना में पुलिस ने अपने परम्परागत रवैये पर चलते हुए पीड़ित हाजी फ़ारूक़ पर मार पिटाई का आरोप लगाते हुए ३०७ का मुक़दमा कर दिया. पीड़ित हाजी फ़ारूक़ शनिवार को ग़ाज़ियाबाद के पुलिस कप्तान वैभव कृष्ण से मिले, जिस पर कप्तान साहब ने थाना मसूरी को निष्पक्ष जाँच करने के आदेश दिए. कल की घटना के चश्मदीद गवाह तहसीलदार साहब ने भी इस मामले को किसी उच्चाधिकारी के संज्ञान में लाना उचित न समझा. पीड़ित हाजी फ़ारूक़ का कहना है की सरकारी ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने वाले लोग अपराधी प्रवृत्ति के हैं तथा उनसे मुझे हर वक़्त डर लगा रहता है. पीड़ित हाजी फ़ारूख सोमवार को जिलाधिकारी से भी मिलने वाले हैं .अगर अभी शासन प्रशासन ने इस मामले को नहीं सुलझाया तो भविष्य में ये एक गंभीर घटना का रूप ले सकती है .


Majid Ali Khan
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