Top
Home > राज्य > उत्तर प्रदेश > गाजियाबाद > गाजियाबाद में मचा हडकम्प, सीओ ने बताया ये इंस्पेक्टर मेरी जान ले लेगा, एसएसपी नहीं कर रहे मदद

गाजियाबाद में मचा हडकम्प, सीओ ने बताया ये इंस्पेक्टर मेरी जान ले लेगा, एसएसपी नहीं कर रहे मदद

मातहत अधिकारी और सीनियर अधिकारी एम् सामंजस्य जरूरी है. तभी काम आगे बढ़ेगा.

 Shiv Kumar Mishra |  7 Oct 2020 7:45 AM GMT

गाजियाबाद में मचा हडकम्प,  सीओ ने बताया ये इंस्पेक्टर मेरी जान ले लेगा, एसएसपी नहीं कर रहे मदद
x

Ghaziabad : गाजियाबाद से अब एक बड़ी खबर सामने आई है जहां पूर्व क्षेत्राधिकारी लोनी राजकुमार पांडेय ने अपनी जान का खतरा बताया है. लेकिन ताज्जुब तो तब हुआ जब यह खतरा उन्हें अपने ही एक इंस्पेक्टर से है जो उनकी ही सर्किल में तैनात है.

सीओ राजकुमार ने लोनी इंस्पेक्टर से अपनी जान का खतरा बताया है. राजकुमार पांडेय लोनी के पूर्व CO रहे चुके है. लोनी इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह भड़ाना से खतरा बताते हुए राजकुमार ने ऑडियो जारी कर बयां अपना दर्द किया है. कोरोना से पीड़ित सीओ का फिलहाल होम क्वारेंटीन है . इसलिए अभी विस्तृत बात नहीं हो पाई है.

सीओ ने अपने द्वारा वायरल की गई पोस्ट में एसएचओ को रेपिस्ट बताया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि एसएचओ ने जीडी में फर्जी एंट्री करके उन्हें भी जेल भेजने की धमकी दी. सीओ ने एसएचओ द्वारा प्रताड़ित की गई एक महिला का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया है.सीओ ने एसएचओ को वर्दीधारी माफिया बताते हुए उस से बचाने की गुहार लगाई है. सीओ का कहना है कि उन्होंने गाजियाबाद एसएसपी से कई बार संपर्क किया, लेकिन उन्होंने भी उनकी कोई मदद नहीं की.

बता दें कि बीते दिनों हुए क्षेत्राधिकारियों के तबादलों की कड़ी में राजकुमार पांडेय का तबादला गाजियाबाद से महोबा हुआ था. सीओ राजकुमार पांडेय का कहना है कि वह कोविड-19 पॉजिटिव आने के बाद से गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती थे.

महिला ने लगाया ये आरोप

पूर्व सीओ राजकुमार पांडेय ने एक महिला का वीडियो वायरल किया है जिसमें वह महिला एसएचओ भड़ाना पर आरोप लगा रही है. महिला का आरोप है कि उसके दो लाख रुपये हड़पने वाले शख्स के खिलाफ जब वह एसएचओ बिजेंद्र भड़ाना से शिकायत करने गई तो उन्होंने उसके शिकायत दर्ज करने के बजाय उसके साथ जबरदस्ती की.

क्या बोले दोनों पक्ष

सीओ राजकुमार पांडेय को लगता है कि मैंने उनका ट्रांसफर करवाया है, जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। वह तीन दिन पूर्व थाने में आए थे और हंगामा करते हुए मुझ पर ट्रांसफर करवाने का आरोप लगाया था। पूरा हंगामा थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है और जो महिला वीडियो जारी कर उन पर जबरदस्ती का आरोप लगा रही है. वह भी क्षेत्राधिकारी का ही उन्हें फंसाने का षड्यंत्र है. ऐसी कोई महिला मेरे पास नहीं आई और न ही वह ऐसी किसी महिला को जानते हैं. मुझ पर लगाए गए आरोप गलत हैं.- बिजेंद्र भड़ाना, एसएचओ लोनी

लोनी एसएचओ बिजेंद्र भड़ाना का व्यवहार महिलाओं के प्रति ठीक नहीं है. हमेशा उसने महिलाओं का शोषण किया है. जिसका मैंने वहां सीओ रहते हुए लगातार विरोध किया। इस पर कोतवाल ने एसएसपी से डीओ लैटर लिखवाकर मेरा ट्रांसफर करा दिया. वह 3 दिन पूर्व लोनी कोतवाली में अपने कर्मचारियों से मिलने गए थे, जिस पर बिजेंद्र भड़ाना ने उनके साथ अभद्रता की और दोबारा थाने में न आने की धमकी दी. लोनी कोतवाली में गैरकानूनी धंधे करने वालों को एसएचओ का पूरा संरक्षण प्राप्त है. मेरे द्वारा आवाज उठाने पर वह मुझे जेल में भेजने की धमकी दे रहा है। उससे मुझे खतरा है.- राजकुमार पांडेय, सीओ महोबा /पूर्व सीओ लोनी (गाजियाबाद)

आपको बात दें कि इसी तरह कानपुर के बिल्हौर सीओ ने अपनी जान के लिए एक एसओ से खतरा बताया लेकिन उस को लेकर एसएसपी ने ध्यान नहीं दिया और उनकी मौत हुई. इस तरह की लापरवाही पुलिस विभाग में ठीक नहीं है. मातहत अधिकारी और सीनियर अधिकारी एम् सामंजस्य जरूरी है. तभी काम आगे बढ़ेगा.

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर, Telegram पर फॉलो करे...
Next Story
Share it