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गाजियाबाद पुलिस की बडी कामयाबी, चार लुटेरे गिरफ्तार, कब्जे से लूट व चोरी के लैपटॉप व मोबाइल फोन बरामद

 Special Coverage News |  29 Jan 2019 10:38 AM GMT  |  गाजियाबाद

गाजियाबाद पुलिस की बडी कामयाबी, चार लुटेरे गिरफ्तार, कब्जे से लूट व चोरी के लैपटॉप व मोबाइल फोन बरामद

गाजियाबाद के थाना कविनगर पुलिस ने ऐसे चार लुटरों को गिरफ्तार को गिरफ्तार किया है जो इलाके में आतंक का पर्याय बने हुए थे। खासकर ये लुटेरे महिलाओं को ही निशाना बनाते थे। महिलाओं से पर्स, मोबाइल, गले की चेन नगदी, लैपटाप आदि लूट कर फरार हो जाते थे। पुलिस ने इनसे लूटे गए 19 मोबाइल, दो लैपटाप, दो तमंचे, दो चाकू, कारतूस, एक अपाची मोटर साइकिल व एक स्कूटी बरामद की है। चोरो के गिरफ्तार होने की जानकारी एसपी सिटी ने दी।

एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक थाना प्रभारी कविनगर राज कुमार शर्मा, शास्त्रीनगर चौकी प्रभारी धर्मेंद्र बालियान व उपनिरीक्षक श्रीनिवास गौतम की टीम को लगाया गया। शास्त्रीनगर चौराहे पर चैकिंग के दौरान एक अपाची मोटर साइकिल व बगैर नबंर की सफेद स्कूटी पर आ रहे चार बदमाशो को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके कब्जे से चार मोबाइल, चोरी किए तीन लैपटाप,दो तमंचे, दो चाकू तथा लूटी की घटनाओं में इस्तेमाल अपाची बाइक तथा स्कूटी बरामद की गई। इनकी निशानदेही पर रजापुर में मनीष के कमरे से 15 मोबाइल बरामद किए गए। पूछताछ में अभियुक्तें ने बताया कि मनीष गैंगलीडर है। इसके अतिरिक्त लोकेश उर्फ गबरू, मनोज, व संतोष ठाकुर हैं। चारों कविनगर में रजापुर के रहने वाले है।

ये लोग महिलाओं और खासकर कामकाजी महिलाओं को ही निशाना बनाते थे। महिलाओं से पर्स, नगदी, मोबाइल व लैपटाप लूट लेते थे। इसके अतिरिक्त उन घरों में चोरी करते थे जिनमें ताला लगा होता था। लैपटाप भी इन लोगों ने मकानों से ही चोरी किए थे। ये लोग मकान की ग्रिल काट कर अंदर घुस जाते थे। दस दिन पहले भी इस गिरोह ने शास्त्रीनगर में रिक्शा से जा रही महिला से पर्स छीनने की कोशिश की थी मगर महिला रिक्शा से गिर गई और ले लोग बगैर लूट किए फरार हो गए।


इस गिरोह के किसी ने ये कह दिया कि पुलिस तीन चार माह बाद लूटे या चोरी गए मोबाइल व लैपटाप की तलाश नहीं करती। इसी के चलते ये लोग मोबाइल व लैटपाट लूटने के बाद उन्हें बंद कर घर में ही रखते थे। इसके चलते पुलिस खासी परेशान रहती थी कि सर्विलांस पर इसका पता नही चल पाता था। यही कारण रहा कि इनके कमरे से काफी संख्या में मोबाइल मिले।


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