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गाजियाबाद के विजयनगर में घर में आग लगने से तीन लोंगों ने तोडा दम

 Shiv Kumar Mishra |  8 Jan 2020 6:54 AM GMT  |  गाजियाबाद

गाजियाबाद के विजयनगर में घर में आग लगने से तीन लोंगों ने तोडा दम

तेजस चौहान

गाजियाबाद के थाना विजय नगर इलाके की प्रताप विहार कॉलोनी में मंगलवार की देर शाम अचानक उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल हो गया। जब लोगों को वहां पर 10 मंजिला इमारत के दूसरे फ्लैट में आग लगने की खबर सुनी। जैसे ही लोगों ने फ्लैट से धुआं निकलता देखा तो आनन-फानन में स्थानीय लोगों के द्वारा आग पर काबू पाया गया। जब लोग आग बुझा रहे थे तो उन्होंने फ्लैट के अंदर दो पुरुष और एक महिला की लाश जली हालत में देखी तो उनके होश उड़ गए और इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। उधर यह खबर आग की तरह पूरी कॉलोनी में फैल गई। जिसके बाद लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की गहन जांच में जुट गई ।हालांकि शुरुआती जांच में पता चला है। कि बिजली के शार्ट सर्किट के कारण कमरे में रखे सामान में आग लगी और जो लोग अंदर मौजूद थे उन्हें बिजली का करंट लगा हुआ था। फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार मूल निवासी बांदा 50 वर्षीय बच्चू सिंह और उनकी 34 वर्षीय पत्नी शकुंतला उर्फ रानी और बच्चू सिंह का 45 वर्षीय छोटा भाई राम नारायण और बच्चू सिंह का बेटा गुलशन छोटा बेटा प्रथम और बेटी राखी यानी 6 लोग इस फ्लैट संख्या 107 में रह रहे थे। यह पूरी इमारत जीडीए के द्वारा बनाई जा रही है यह पूरी इमारत खाली है बच्चू सिंह जीडीए में सुपरवाइजर था।

जिसके कारण अभी इस फ्लैट में रहने की अनुमति उसे मिली हुई थी। बच्चू सिंह के तीनों बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ रंगमंच का कार्यक्रम भी करते हैं। जोकि वह रंगमंच के कार्यक्रम के लिए बाहर गए हुए थे और घर पर बच्चों सिंह उनकी पत्नी और छोटा भाई ही मौजूद थे।

मंगलवार शाम के वक्त वहां के चौकीदार ने फ्लैट से धुआं निकलता देखा तो उसने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और फ्लैट में लग रही आग को कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया गया । साथ ही इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को भी दी गई ।जैसे ही फ्लैट की आग को बुझाया गया और फ्लैट के अंदर दो पुरुष और एक महिला की जली हुई लाश को स्थानीय लोगों ने देखा तो उनके होश उड़ गए।

उधर सूचना के आधार पर जब तक स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची तब तक आग पूरी तरह बुझ चुकी थी। पुलिस ने तीनों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर इस पूरे मामले की जानकारी प्रशासनिक और पुलिस के आला अधिकारियों को मिली तो एडीएम सिटी ,सिटी मजिस्ट्रेट ,एसपी सिटी, क्षेत्राधिकारी भी मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक टीम बुलाकर गहनता से इसकी जांच कराई जा रही है। कि आखिर फ्लैट में आग किस कारण लगी है।

उधर इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए गाजियाबाद के एसपी सिटी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस को 100 नंबर पर सूचना मिली थी। कि प्रताप विहार के एच ब्लॉक की 10 मंजिला इमारत के फ्लैट नंबर 107 में आग लगी है। जिसके आधार पर दमकल विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची अंदर देखा तो बच्चों सिंह उनकी पत्नी शकुंतला उर्फ रानी और उनका छोटा भाई राम नारायण की जली हुई अवस्था में लाश पड़ी हुई थी ।फिलहाल तीनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है । उन्होंने बताया कि इस पूरी घटना की मृतकों के परिजनों को सूचना दी जा चुकी है। इनके बच्चों को भी सूचित किया जा चुका है और अभी इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

आश्चर्य की बात यह है कि इतने दर्दनाक हादसे के बाद भी जीडीए का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा । जबकि बच्चों से जीडीए में परमानेंट कार्यरत था । इस दर्दनाक हादसे की गूंज लखनऊ तक जा पहुंची और इस पूरे मामले मे प्रदेश के मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है। साथ ही गाजियाबाद जिलाधिकारी अजयशंकर पांडेय को पीड़ित परिवार को प्रशासनिक मदद दिए जाने के दिए निर्देश गए हैं। और इस पूरे मामले में अब जिलाधिकारी ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी है।

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