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विद्या भूषण शर्मा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता को हटाने की डीएम ने की सिफारिश

विद्या भूषण शर्मा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता को हटाने की डीएम ने की सिफारिश
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विद्या भूषण शर्मा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) है. जो कि इस समय अपर जिला जज 7 के कोर्ट मे कार्यरत है. उन पर भ्रष्टाचार के दो मामलों की अपर जिलाधिकारी वित्त के यहाँ जांच चल रही थी. जिसमें एक मामला हापुड़ का है जो तत्कालीन जज नवनीत कुमार जी ने सरदार जी को 10 साल की सजा सुनाई थी. उस मामले मे सजा माफ कराने के नाम पर विद्या भूषण पर 4 लाख रुपये लेने का आरोप लगा.


इसकी जाँच तत्कालीन उपजिलाधिकारी इंदु प्रकाश सिंह ने की उसमे उन्होने इनकी स्थिति को संदिग्ध मानते हुए उसमे विजिलेंस जाँच की सिफारिश की फिर एक मामला नाज़िम खातून का है. जिसके पति का मर्डर हुआ वह उसमे चश्मदीद गवाह थी उसकी गवाही पर ही केस का खुलासा हुआ. लेकिन उसकी गवाही इनके द्वारा नही कराई गई. ये केस अपर जिला जज 14 के कोर्ट मे था. उसके खिलाफ एडीजे 14 ने जिला अधिकारी को पत्र लिखा.





इस पर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी से रिपोर्ट मांगी गई उन्होंने आरोप को सही पाते हुए अपनी रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी वित्त को प्रेषित कर दी. इसके खिलाफ एडीजे 1,एडीजे 15 ने भी जिला अधिकारी को लिखा था. यह बसपा और सपा नेता का करीबी रहा है.


आज भाजपा के नेताओ के यहाँ पर हाजिरी लगा रहा है. ऐसे सरकारी वकीलो के कारण लोग न्याय से वंचित हो रहे है. जिला प्रशासन की जांच में भ्रस्टाचार की पुष्टि होने पर जिलाधिकारी श्रीमती रितु माहेश्वरी ने तत्काल प्रभाव से इसको हटाने की सिफारिश प्रमुख सचिव न्याय से की है जिससे कि गरीब जनता को न्याय से वंचित होने से रोका जा सके.





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