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राहुल का काम झूंठ बोलना है जबकि मोदी जी काम लोंगों की भलाई और विकास की बात करना है - अमित शाह

2019 के लोक सभा चुनाव में 2014 से भी भारी बहुमत के साथ केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा-नीत एनडीए की सरकार बनना तय है

 Special Coverage News |  23 Feb 2019 4:53 PM GMT  |  गोरखपुर

राहुल का काम झूंठ बोलना है जबकि मोदी जी काम लोंगों की भलाई और विकास की बात करना है - अमित शाह


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज फर्टिलाइजर ग्राउंड, गोरखपुर में भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देश के गाँव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा किये गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मोदी सरकार की किसानों के जीवन में सुधार लाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। ज्ञात हो कि भाजपा अध्यक्ष आज एक दिवसीय प्रवास पर उत्तर प्रदेश में हैं।

अमित शाह ने कहा कि पुलवामा में हुए कायराना आतंकी हमले में शहीद जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाने दी जायेगी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति रही है। आजादी के बाद आतंकवाद के खिलाफ सबसे करारा जवाब यदि किसी सरकार ने दिया है तो वह मोदी सरकार है चाहे वह कूटनीतिक पहल हो या ली का जवाब गोले से देना हो या फिर दुश्मन के घर में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक करना हो। उन्होंने कहा कि समग्र राष्ट्र पुलवामा हमले में शहीद वीर जवानों एवं उनके परिवारों के साथ एकजुट हो खड़ा है। आज हम सब यह संकल्प लेकर जाएँ कि हम एक ऐसी नई सरकार बनाएं जो आतंकवाद को सबक सिखाने में तनिक भी देर नहीं करेगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है लेकिन कांग्रेस की कोई सरकार किसानों की चिंता करने वाली केंद्र में नहीं बनी। उन्होंने कहा कि भारतवर्ष की पहचान ही कृषि और किसान हैं। आज देश की जीडीपी का लगभग 15% हिस्सा कृषि क्षेत्र से आता है। देश की 60% आबादी कृषि आधारित है। आज लगभग 17 ट्रिलियन रुपये का कारोबार कृषि क्षेत्र से हो रहा है, लगभग 38 बिलियन डॉलर का कृषि उत्पादों का एक्सपोर्ट हो रहा है। देश के किसानों ने अनाज और दुग्ध के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने का महती कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सम्यक कृषि विकास के लिए मोदी सरकार ने मूल्य स्वाबलंबन, जल स्वाबलंबन, तकनीक स्वाबलंबन, मुद्रा स्वाबलंबन और आर्थिक स्वाबलंबन के पांच सूत्री कार्यक्रम के आधार पर कृषि कल्याण की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि 70 साल तक जितनी भी कांग्रेस एवं तीसरे मोर्चे की सरकारें आई, उन्होंने किसानों को केवल वोट बैंक ही समझा। मोदी सरकार एकमात्र ऐसी सरकार है जिसने वैज्ञानिक तरीके से विकास को सर्वस्पर्शीय और सर्वसमावेशक बनाते हुए किसानों की आय को दोगुना करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी इस लक्ष्य का मजाक उड़ाते थे लेकिन वे और कर भी क्या सकते हैं? हमें मालूम है कि यह इतना आसान नहीं है लेकिन हम चुनौतियों को अवसरों में तब्दील करना जानते हैं। राहुल गाँधी को यह भी पता नहीं कि आलू भूमि के नीचे होता है या ऊपर होता है या फिर फैक्ट्री में तैयार किया जाता है। बिना कागज़ के तो राहुल गाँधी चार रबी और खरीफ फसलों के नाम बोल तक नहीं सकते।

अमित शाह ने कहा कि देश में 55 वर्षों तक कांग्रेस पार्टी के एक ही परिवार का शासन केंद्र में रहा और अपने शासन में इन्होंने किसानों को ऋण के बोझ तले दबा देने का काम किया। इन्होने इनपुट क्रेडिट के लिए किसानों को साहूकारों के सामने घुटने टेकने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि आज देश में किसानों की बदहाली का यदि कोई कारण है तो वह कांग्रेस सरकार है। उन्होंने कहा कि देश में मोदी सरकार के शपथ के साथ ही किसानों के विकास का एक नया युग शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि हमने किसानों को सम्मान देते हुए देश के विकास का अग्रदूत माना है और मोदी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के 'जय जवान, जय किसान' के मंत्र के आधार पर किसानों के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जन संघ के समय से ही हमारा नारा रहा है कि मुक्त व्यापार, मुक्त खेती लेकर जायेंगे, देश को समृद्ध बनायेंगे।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों की भलाई के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है। मोदी सरकार ने आपदा के समय किसानों को दी जाने वाली सहायता में लगभग 50% की वृद्धि की, मुआवजे के पैमाने को भी किसानों के अनुकूल बनाया और नीम कोटिंग करके यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाई गई। वर्षों से लंबित सिंचाई योजना को आज पूरा किया जा रहा है। यहाँ तक कि नेहरू जी द्वारा शुरू की गई सिंचाई परियोजना को भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में माइक्रो सिंचाई से सिंचित केवल 28 लाख हेक्टेयर भूमि थी जबकि मोदी सरकार ने केवल पांच साल में 35 लाख हेक्टेयर नई भूमि को माइक्रो सिंचाई के दायरे में लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि 55 सालों में फसल बीमा से जितना भुगतान किसानों को हुआ, उसका लगभग ढाई गुना अधिक भुगतान मोदी सरकार के केवल चार सालों में हुआ है। स्वामीनाथन कमिटी की रिपोर्ट को लागू करते हुए मोदी सरकार ने फसलों पर लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट 2006 से कांग्रेस की यूपीए सरकार के सामने रखी हुई थी लेकिन सोनिया-मनमोहन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाये। उन्होंने कहा कि हमने गेहूं और धान के फसल की खरीद करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में फसल खरीद में 400 गुना और महाराष्ट्र में लगभग 200 गुने की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में उत्तर प्रदेश में दलाल और बिचौलिए हाबी रहा करते थे लेकिन योगी सरकार ने गेहूं और धान की शत-प्रतिशत खरीद कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। गन्ना किसानों को माफिया राज से मुक्ति मिली है। सपा सरकार में सात लाख टन गेहूं से ज्यादा खरीद कभी नहीं हुई जबकि पिछले साल सपा सरकार के मुकाबले लगभग 9 गुना ज्यादा खरीद की गई। इतना ही नहीं, किसानों का पैसा एक सप्ताह में ही सीधे किसानों के एकाउंट में ट्रांसफर किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि सपा, बसपा, कांग्रेस, तृणमूल, एनसीपी, राजद, जेडीएस जैसी विपक्ष की तमाम पार्टियां अपनी-अपनी सरकारों के आंकड़े लेकर आ जाएँ, भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने जितनी फसल खरीद की, उतना किसी और सरकार ने कभी नहीं किया।

शाह ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए सरकार के पांच साल का कृषि बजट 1,311,000 करोड़ रुपये था जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने बढ़ा कर 228000 करोड़ रुपये किया है जो सोनिया-मनमोहन सरकार की तुलना में 80% अधिक है। उन्होंने कहा कि कृषि लोन को भी लगभग 70% बढ़ाया गया है। बैंकों के दरवाजे किसानों के लिए खोले गए। उन्होंने कहा कि किसानों को वैज्ञानिक सूचना के लिए किसान चैनल की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की संस्कृति झूठा जवाब देने की नहीं है, यह कांग्रेस और तथाकथित विपक्षी महागठबंधन की पहचान है।

बजट 2019 की चर्चा करते हुए माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नेरन्द्र मोदी ने देश के लघु एवं सीमांत किसानों के एकाउंट में 6,000 रुपये सालाना सीधा ट्रांसफर करने का निर्णय लिया जो किसानों को समय पर खेती के लिए खाद, बीज, सिंचाई आदि में काफी सहायक होगी लेकिन कांग्रेस पार्टी इसकी भी आलोचना कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी की सोनिया-मनमोहन सरकार ने 10 सालों में एक बार वह भी केवल तीन करोड़ किसानों के महज 53,000 करोड़ रुपये ही माफ़ किये जबकि मोदी सरकार ने हर साल देश के 12 करोड़ से अधिक किसानों को 75 हजार करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक एकाउंट में ट्रांसफर करने का निर्णय लिया है जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी दूरदृष्टि और किसानों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस की यूपीए सरकार ने 10 वर्षों में मात्र तीन करोड़ किसानों के केवल लगभग 53,000 करोड़ रुपये ही माफ़ किये जबकि मोदी सरकार हर वर्ष लगभग 15 करोड़ किसानों को 75,000 करोड़ रुपये देने वाली है। यदि 10 वर्षों का आकलन किया जाए तो मोदी सरकार किसानों को लगभग साढ़े सात लाख करोड़ रुपये की सहायता देने वाली है, शायद राहुल गाँधी को 53,000 करोड़ रुपये और साढ़े सात लाख करोड़ रुपये में अंतर नहीं मालूम! उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी का काम है केवल झूठ बोलना और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का काम है लोगों की भलाई और देश के विकास के लिए काम करना। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के किसानों पर लगभग 48,000 करोड़ रुपये का ऋण है लेकिन राज्य की कांग्रेस-जेडीएस सरकार ने अब तक किसानों के केवल 1,800 करोड़ रुपये ऋण ही माफ़ किये।

शाह ने कहा कि इस बार के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने पर 2% की छूट देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि गाय हमारी संस्कृति और अर्थव्यवस्था का केंद्र बिंदु है, इसलिए लगभग 750 करोड़ रुपये की लागत से मोदी सरकार ने राष्ट्रीय कामधेनु आयोग बना कर गौ-माता को संरक्षित और संवर्द्धित करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान के लिए कांग्रेस की यूपीए सरकार ने पांच वर्षों में केवल 448 करोड़ रुपये आवंटित किये जबकि मोदी सरकार ने केवल चार वर्षों में ही इसके लिए 890 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति में लगभग 11.4%, दालों के उत्पादन में 40%, मधु क्रांति में केवल दो वर्ष में 46%, हॉर्टीकल्चर में 20%, नीली क्रांति में 42%, श्वेत क्रांति में 35% और कृषि सहकारिता लोन में 237% की वृद्धि मोदी हुई है। किसी भी पांच वर्ष में कृषि में इतना उत्पादन कभी नहीं हुआ।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हर क्षेत्र में कई गुना काम मोदी सरकार ने करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने 10 सालों तक कांग्रेस को मौक़ा दिया, 15 वर्षों तक यूपी में सपा और बसपा को मौक़ा दिया लेकिन उनहोंने भ्रष्टाचार के सिवा कुछ भी नहीं किया, ये किस मुंह से विकास के वादे करते हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि विपक्ष के तथाकथित महागठबंधन का कोई नेता नहीं है। पहले विपक्ष बताये कि यदि गलती से भी उनकी सरकार बन गई (जो संभव नहीं है) तो उनकी ओर से प्रधानमंत्री कौन बनेगा? उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सोमवार को बहन मायावती प्रधानमंत्री होंगी, मंगलवार को अखिलेश यादव जी होंगे, बुधवार को चंद्रबाबू नायडू बन जायेंगे, गुरुवार को देवगौड़ा जी प्रधानमंत्री बन जायेंगे, शुक्रवार को ममता दीदी बन जायेंगी, शनिवार को स्टालिन प्रधानमंत्री बन जायेंगे और रविवार को देश छुट्टी पर चला जाएगा। इस प्रकार देश चल सकता है क्या?


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