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BIG BREAKING: हापुड़ जिले में बंदरों को मारने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, अब तक 26 बंदर मारे गए
BIG BREAKING: हापुड़ जिले में बंदरों को मारने वाले दो आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार किए है। अब तक 26 बंदर मारे गए है। यह बंदर बुरी तरह से तड़फ तड़फ कर अपनी जान जंगल में दे रहे थे। जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली तो वन विभाग के अधिकारियों ने बंदरों का पीएम भी कराया था।
इस घटना के बाद पुलिस लगातार मामले की छानबीन में लगी हुई थी और इलाके में सुरागरसी कर रही थी कि कोई तो है जो इस घटना को अंजाम दे रहा था। पुलिस के सख्त रवैया के चलते बंदरों की मौत तो रुक गई थी लेकिन इसका असली मास्टर माइंड कौन था पुलिस तलाश में जुटी रही। जिसमें पुलिस को कामयाबी मिली और दो आरोपी गिरफ्तार किये।
अपराध कबूला और बताया क्यों मारे बंदर
=गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ करने पर मालूम हुआ अभियुक्त कपिल चौहान व लाला उर्फ रोहतास की 33 बीघा गन्ने की खेती घटनास्थल के पास स्थित है। जिसमें बोए गए गन्ने को तुरंत बाद ही बंदरों ने खेत में गए गन्ना निकालकर खा लिए और गन्ने की फसल बर्बाद कर दी पिछले कई वर्षों से बंदरों द्वारा उनके खेतों में निरंतर नुकसान किया जा रहा था। बंदरों को भगाने पर बंदर काटने को दौड़ते थे।
इसी बात से अभियुक्तों ने 13 मई को खाद भंडार मेडिकल स्टोर कस्बा गढ़मुक्तेश्वर 1 किलो है फेराडॉन दीमक की दवाई खरीदी थी और 14 मई को बांकेलाल की दुकान से खरीदा इसके बाद 15 मई को दोनों ने कपिल के ट्यूबेल पर गुड़ में आधा किलो बंदरों को गुड़ खाने के लिए रख दिया।
अभियुक्तों ने सोचा था दीमक की दवाई से बंदर बेहोश हो जाएंगे इलाका छोड़कर दूसरे इलाके में चले जाएंगे लेकिन दवा ज्यादा जहरीले थी और बंदरों की मौत का सिलसिला वहीं से शुरु हो गया फिलहाल पुलिस ने इस घटना का खुलासा करते हुए दो अभियुक्त गिरफ्तार कर लिए हैं जिनके खाली पैकेट की दवाई बरामद की है।