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जौनपुर: अधिकारी को हटाने के लिये विधायक ललई ने सीएम योगी को लिखा पत्र, कहा इन्हें तत्काल हटाएं

 Sujeet Kumar Gupta |  7 Dec 2019 9:39 AM GMT  |  नई दिल्ली

जौनपुर: अधिकारी को हटाने के लिये विधायक ललई ने सीएम योगी को लिखा पत्र, कहा इन्हें तत्काल हटाएं

जौनपुर। उत्तर प्रदेश में अफसरों की कार्यप्रणाली पर जनप्रतिनिधि सवाल उठाते रहते हैं। अब शाहगंज विधानसभा के सपा विधायक शैलेंद्र यादव ललई ने जौनपुर नगर परिषद के बड़े अफसर की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। विधायक के इस लेटर के बाद यह जरूर साफ हो जा रहा है कि सीएम योगी की सरकार में भी भ्रष्टाचारी अफसर मलाईदार पदों पर रहकर भ्रष्टाचार में लिप्त हैं।

पत्र में विधायक ललई की तरफ से मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा गया है कि मुख्यमंत्री जी प्रार्थना पत्र सभासद नंद लाल यादव, राम औतार सोनी, सतीश सिंह त्यागी अलमास अहमद सिद्दीकी, नगर पालिका वार्ड संख्या 33 ढालगर टोला जनपद जौनपुर के है. इनके संलग्न पत्र का अवलोकन करने का कष्ट करें। नगर पालिका परिषद जौनपुर के अधिशासी अधिकारी राजकिशोर प्रसाद के द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार निरोधी कार्य प्रणाली के संबंध ऐसी स्थिति को देखते हुए बढ़ती हुई समस्या से से दुखी एंव क्षुब्ध होकर दिनाँक 8/011/2019 को बोर्ड की बैठक में विशेष संकल्प से नगर पालिका परिषद किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया है।

अतः आपसे आग्रह है कि पत्र में वर्णित तथ्यों के आधार पर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को तत्काल हटाने का आदेश देते हुए संबंधित अधिकारी द्वारा किए गए कार्यों की जांच कराने का कष्ट करें।पूर्व मंत्री शाहगंज विधायक ने बातचीत में कहा कि तैनात अधिशासी बेहद भ्रष्टाचारी हैं। लेटर के माध्यम से उन पर आरोप लगाए गए हैं कि वह अपने चहेते ठेकेदारों के जरिए कार्य करा कर मोटा कमीशन वसूलते हैं। उन पर यह भी आरोप है कि वह अपने ठेकेदारों से जो भी निर्माण कार्य करवाते हैं उस कार्य की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की होती है।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में लोकतंत्र का मंदिर सदन होता है और नगर पालिका परिषद का सदन इस परंपरा की प्रथम इकाई है। यदि सदन ने किसी अधिकारी के खिलाफ असंतोष व्यक्त करते हुए उसे कार्यमुक्त कर दिया तो उसे नगर पालिका में एक क्षण रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। जिस हठधर्मिता से यह अधिकारी यहां जमे हुए हैं, इससे जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर प्रश्नचिह्न लगता है। अधिशासी अधिकारी के इस व्यवहार की निंदा करते हैं, मुख्यमंत्री जी नगर विकास मंत्री इन्हें तत्काल हटाएं। सदन में इस गंभीर मुद्दे को उठाऊंगा।


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