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यूपी में कोरोना के डर से युवक ने की आत्महत्या, फिर पुलिस ने किया ये शर्मनाक काम

कन्नौज में कोरोना के भय से आत्महत्या करने के मामले में पुलिस का संवेदनहीन चेहरा आया सामने। कूड़ा गाड़ी से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जो की अत्यंत दुखद है।

 Shiv Kumar Mishra |  5 May 2020 2:42 AM GMT  |  कन्नौज

यूपी में कोरोना के डर से युवक ने की आत्महत्या, फिर पुलिस ने किया ये शर्मनाक काम
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कन्नौज में कोरोना के भय से आत्महत्या करने के मामले में पुलिस का संवेदनहीन चेहरा सामने आया। नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी से शव को पोस्टमार्टम के भेज दिया। नखासा मोहल्ला निवासी पप्पू का शव क्रेन से उतारने के बाद जिला अस्पताल चौकी प्रभारी प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल गेट के पास उसका शव रखवा दिया। उसके गले से फंदा भी नहीं काटा।

हैरान कर देने वाली बात तो यह रही कि पंचनामा के बाद नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। कोरोना के भय से पशु पालक ने जिला अस्पताल परिसर में खड़े पेड़ पर चढ़कर फांसी लगा ली। सुबह करीब 25 फीट की ऊंचाई पर शव झूलता देखकर चिकित्सकों और स्टाफ में हड़कंप मच गया।

क्रेन की मदद से पुलिस ने शव को उतारा। मृतक घर में अकेला रहता था और बकरियों का पालने काम करता था। करीब पांच दिन से बुखार और पीट में दर्द होने से वह कोरोना हो जाने की बात कहकर परेशान रहता था। किसी को भी अपने पास आने नहीं देता था। कन्नौज के नखासा मोहल्ला निवासी 60 वर्षीय पप्पू पुत्र रतन लाल घर में अकेला रहता था। माता-पिता की मौत के बाद तीन बहन रानी, गिन्नो और गुड्डी की शादी कर हो गई थी।

छोटा भाई राम सेवक हरदोई के असलापुर गांव में रहने वाले मामा छुटकुन्नू के साथ रहता था। पप्पू घर में बकरियों का पालने का काम करता था। सुबह-शाम बकरियों को चराने जाता था। 28 अप्रैल से उसकी पीट में दर्द होने के साथ बुखार रहता था। पड़ोसियों को उसने कोरोना होने की बात कही थी। किसी को भी अपने पास आने नहीं आने देता था।

पड़ोसी आलोक और चचेरे भाई मनोहर के कहने पर एक अप्रैल को जिला अस्पताल पहुंच कर उसने थर्मल स्कैनिंग कराई थी। चिकित्सकों ने दवा देकर घर भेज दिया था। शनिवार रात किसी समय वह जिला अस्पताल पहुंच गया। एक पेड़ पर चढ़कर गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह चिकित्सकों और स्टाफ के लोगों ने शव झूलता देखकर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने क्रेन की मदद से शव नीचे उतारा और पड़ोसियों व भाई को जानकारी दी। एसडीएम शैलेष कुमार, सीओ श्रीकांत प्रजापति और कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक ने पहुंच कर जानकारी की। पड़ोसी सुरेश, श्याम और सूरज ने बताया कि कुछ दिनों से पप्पू की पीट में दर्द होता था।

इससे वह कोरोना होने की बातकर परेशान रहता था। सीएमएस यूसी चतुर्वेदी ने बताया कि एक मई को पप्पू थर्मल स्कैनिंग कराने आया था। हालात सामान्य थी। पीट में दर्द होने पर उसे चिकित्सको ने दवा दी थी। शनिवार रात किसी समय उसने जिला अस्पताल आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।


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