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यूपी में किडनैपिंग के बाद एक और मर्डर: कानपुर में किडनैप के बाद मांगी थी 20 लाख फिरौती, 12 दिन बाद मिला शव

कानपुर के विकास दुबे, संजीत यादव हत्याकांड के बाद यह तीसरा बड़ा मामला है।

 Arun Mishra |  28 July 2020 3:48 PM GMT  |  दिल्ली

यूपी में किडनैपिंग के बाद एक और मर्डर: कानपुर में किडनैप के बाद मांगी थी 20 लाख फिरौती, 12 दिन बाद मिला शव
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यूपी के कानपुर में अपहरण के बाद हत्या का एक और मामला सामने आया है। 12 दिन से लापता धर्मकांटा के मैनेजरका शव आज एक कुएं से बरामद किया गया। अपहरणकर्ता युवक को छोड़ने के बदले बीस लाख की फिरौती मांगी थी। कानपुर के विकास दुबे, संजीत यादव हत्याकांड के बाद यह तीसरा बड़ा मामला है। वहीं गोरखपुर में कल ही एक करोड़ की फिरौती मांगने के बाद छात्र की हत्या कर दी गई थी।

ये है पूरा मामला :

बृजेश पाल कानपुर-झांसी राजमार्ग पर स्थित नेशनल धर्मकांटा में मैनेजर थे। 16 जुलाई की रात वह धर्मकांटा से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। सुबह चचेरे भाई सर्वेश ने उसके नंबर पर फोन किया तो उसे पांच दिन का समय देकर 20 लाख रुपये की फिरौती का इंतजाम करने के लिए कहा गया। इसके बाद से उसका फोन लगातार बंद था। एसपी अनुराग वत्स ने खुद घटनास्थल देखने के बाद एएसपी की अगुवाई में सर्विलांस सहित 11 टीमें बृजेश की खोज लगाईं थाी।

नींद की गोलियां देकर दबा दिया गला

कानपुर देहात जिले के भोगनीपुर से 17 जुलाई की रात किडनैप किए गए युवक की उसके ही दोस्त ने नींद की गोलियां देने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद बीहड़ी क्षेत्र देवराहट में उसका शव कुएं में फेंक दिया था। एसपी अनुराग वत्स के अनुसार, हत्या के आरोपी पर दो ट्रकों का लाखों रुपये का कर्ज था। उसे चुकाने के लिए ही उसने शव ठिकाने लगाने के बाद 20 लाख रुपये फिरौती के लिए फोन किया था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, भोगनीपुर के चौरा गांव का बृजेश पाल (22) हाइवे के एक धर्मकांटे का मैनेजर था। 17 जुलाई की रात वह अचानक वहां से लापता हो गया था, जबकि उसके शर्ट-पैंट दफ्तर में ही मिले थे। पुलिस ने अपहरण की एफआईआर लिख तफ्तीश शुरू की थी। आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने बृजेश के ही परिजन को पीटा भी था। सर्विलांस के दौरान मंगलवार को पुलिस ने बृजेश के दोस्त सुबोध सचान को हिरासत में लिया।

सर्विलांस के बावजूद 10-11 दिन बाद बरामद हुआ शव

सख्ती से पूछताछ में उसने कबूला कि 17 जुलाई की रात वह अपनी कार से बृजेश से मिलने गया था। पार्टी के नाम पर उसे धर्मकांटे से बाहर बुलाकर गाड़ी में बैठाया और शराब पी। बृजेश के लिए मंगाई सॉफ्ट ड्रिंक में नींद की गोलियां मिला दी थीं। बृजेश के बेहोश होते ही रस्सी से गला कसकर उसकी हत्या कर दी थी। शव देवराहट के जंगलों में कुएं में फेंक दिया था। सुबोध की निशानदेही पर पुलिस ने मंगलवार को कुएं से शव निकलवाया गया। परिजन ने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान कर ली। बताते हैं कि सुबोध ने फिरौती का पहला कॉल उसके ही मोबाइल से किया था। हालांकि, मोबाइल पर फोन आने के बाद 10-11 दिनों में पुलिस सर्विलांस के जरिए उसे पकड़ने में नाकाम रही।

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